पंजाब के मुख्यमंत्री मान ने राष्ट्रपति से की राज्य से छह रास सदस्यों की सदस्यता समाप्त करने की मांग

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पंजाब के मुख्यमंत्री मान ने राष्ट्रपति से की राज्य से छह रास सदस्यों की सदस्यता समाप्त करने की मांग

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  • Publish Date - May 5, 2026 / 01:32 PM IST,
    Updated On - May 5, 2026 / 01:32 PM IST

(तस्वीरों सहित)

नयी दिल्ली, पांच मई (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और उनसे राज्य के उन छह राज्यसभा सदस्यों की सदस्यता समाप्त करने का आग्रह किया जो हाल में आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए थे।

आम आदमी पार्टी (आप) को 24 अप्रैल को उस समय बड़ा झटका लगा जब राज्यसभा में उसके 10 सदस्यों में से सात- राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल ने यह आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी कि ‘आप’ अपने मूल्यों और मूल सिद्धांतों से भटक गई है।

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले छह राज्यसभा सांसदों को पंजाब में पार्टी के निर्वाचित विधायकों ने ‘‘चुना’’ था।

मान ने कहा ‘‘ चुने गए और निर्वाचित हुए में अंतर होता है। इन सांसदों को पंजाब की जनता द्वारा निर्वाचित किए गए विधायकों ने चुना है।’’

मुख्यमंत्री ने पंजाब के सभी आम आदमी पार्टी विधायकों द्वारा हस्ताक्षरित दस्तावेज भी राष्ट्रपति को सौंपे, जिसमें छह सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की गई थी।

मान ने मुर्मू से मुलाकात से पहले ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा ‘‘पंजाब के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए हमारा संघर्ष जारी है। आज, हम आम आदमी पार्टी के सभी विधायकों के साथ पंजाब के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा करने और राष्ट्रपति के समक्ष राज्य की सशक्त आवाज उठाने के लिए रवाना हुए हैं।’

मान ने छह सांसदों के भाजपा में शामिल होने को ‘पूरी तरह से असंवैधानिक’ और लोकतंत्र की ‘हत्या’ करार दिया।

भाषा शोभना मनीषा

मनीषा