पंजाब: ‘जानकारी मेल नहीं खाने’ का नोटिस मिलने पर पूर्व राजनयिक ने एसआईआर पर जताई चिंता
पंजाब: ‘जानकारी मेल नहीं खाने’ का नोटिस मिलने पर पूर्व राजनयिक ने एसआईआर पर जताई चिंता
अमृतसर, 24 अगस्त (भाषा) पूर्व राजनयिक नवदीप सूरी ने पंजाब में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान उनकी कुछ जानकारियां मेल नहीं खाने का नोटिस मिलने पर इस प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई है।
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और मिस्र में भारत के राजदूत तथा ऑस्ट्रेलिया में उच्चायुक्त रह चुके सूरी ने रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपनी परेशानी साझा की।
उन्होंने लिखा, ‘‘प्रिय निर्वाचन आयोग, पंजाब में एसआईआर को लेकर अपना अनुभव साझा कर रहा हूं। मैं बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) के पास गया। मैंने अपना मतदाता पहचान पत्र और आधार कार्ड जमा कराया तथा मुझे बताया गया कि सब कुछ ठीक है लेकिन आज मुझे एक स्वयंसेवक का संदेश मिला कि कुछ जानकारियां 2003 के एसआईआर से मेल नहीं खातीं।’’
सूरी ने कहा कि उन्होंने बीएलओ से बात की, जिसने उनसे नोटिस लेने को कहा।
उन्होंने लिखा, ‘‘और फिर मुझे ऐसे दस्तावेज लेकर दोबारा आने को कहा गया, जिनसे यह साबित हो कि मैं भारतीय नागरिक हूं, लेकिन यह नहीं बताया गया कि कौन से दस्तावेज लाने हैं। मैंने बताया कि मैं 2003 में भारत में नहीं था इसलिए उन्होंने प्रमाण के तौर पर मेरा पासपोर्ट मांगा है।’’
सूरी ने लिखा, ‘‘मेरे पास मतदाता पहचान पत्र और आधार कार्ड के अलावा भी दस्तावेज हैं, लेकिन मैं यह सवाल पूछे बिना नहीं रह सकता कि अगर तीन देशों में भारत का प्रतिनिधित्व करने के बाद मुझे अपनी नागरिकता साबित करने में परेशानी हो रही है तो आम नागरिक का क्या होगा? शायद इसे ही ‘जीवन को आसान बनाना’ कहते हैं!’’
इस बारे में संपर्क किए जाने पर पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने कहा कि सूरी का नाम मतदाता सूची से कभी नहीं हटाया गया और उनका नाम 13 अगस्त को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में शामिल है।
उन्होंने कहा कि सूरी को केवल नोटिस देकर कुछ दस्तावेज जमा करने को कहा गया था।
मित्रा ने कहा कि सभी अनिवार्य दस्तावेज मिलने के बाद उनका नाम मतदाता सूची में प्रकाशित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि सूरी का मतदाता पंजीकरण पहले भी अमृतसर में था और अब भी वहीं है।
सूरी काहिरा, दमिश्क, वाशिंगटन, दार एस सलाम और लंदन में भारतीय राजनयिक मिशनों में सेवाएं दे चुके हैं और जोहानिसबर्ग में भारत के महावाणिज्य दूत भी रहे हैं।
उनकी सेवाओं के सम्मान में संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति ने उन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ जायद द्वितीय’ से सम्मानित किया था।
भाषा
सिम्मी मनीषा
मनीषा

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