मुख्यमंत्री मान की पत्नी पर पांच करोड़ रुपये मांगने के आरोपों की जांच कराए पंजाब सरकार : एनएचआरसी

Ads

मुख्यमंत्री मान की पत्नी पर पांच करोड़ रुपये मांगने के आरोपों की जांच कराए पंजाब सरकार : एनएचआरसी

  •  
  • Publish Date - August 22, 2026 / 05:40 PM IST,
    Updated On - August 22, 2026 / 05:40 PM IST

नयी दिल्ली/चंडीगढ़, 22 अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने पंजाब सरकार और उसके पुलिस प्रमुख को इस शिकायत को लेकर नोटिस जारी किया है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी ने दुष्कर्म के एक मामले को दबा देने के लिए पांच करोड़ रुपये मांगे थे। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

आयोग ने संबंधित प्राधिकारियों को इस आरोप की जांच कर दो सप्ताह के अंदर कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

इक्कीस अगस्त को भेजे गये नोटिस में कहा गया है, ‘‘शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि एक सेवानिवृत न्यायाधीश ने सार्वजनिक रूप से कहा कि दुष्कर्म के एक मामले में पांच करोड़ रुपये की मांग की गई थी, जिसमें कथित तौर पर पंजाब के मुख्यमंत्री की पत्नी शामिल थीं।’’

आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि एनएचआरसी ने शिकायतकर्ता के इस आरोप का संज्ञान लिया है कि मुख्यमंत्री मान की पत्नी ने दुष्कर्म के एक मामले को दबाने के लिए पांच करोड़ रुपये मांगे थे।

शिकायत के अनुसार, यह आरोप पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के एक पूर्व न्यायाधीश ने लगाया है।

एनएचआरसी के नोटिस जारी करने के बाद, शनिवार को मान की पत्नी गुरप्रीत कौर ने पूर्व न्यायाधीश को कानूनी नोटिस भेजा। पूर्व न्यायाधीश ने आरोप लगाया था कि कौर ने दुष्कर्म के एक मामले को दबाने के लिए पांच करोड़ रुपये मांगे थे।

इस बीच, विपक्ष के नेताओं ने इस मामले पर मुख्यमंत्री से स्पष्टीकरण मांगा है।

आम आदमी पार्टी (आप) के सूत्रों के मुताबिक, कौर के कानूनी नोटिस में पूर्व न्यायाधीश से नोटिस मिलने के 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा गया है, ऐसा न करने पर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।

उन्होंने बताया कि ‘लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी’ की ओर से एनएचआरसी में दर्ज कराई गई शिकायत में चिंता जताई गई है कि इस तरह का ‘हस्तक्षेप’ पीड़िता के सम्मान, सुरक्षा, निष्पक्ष जांच और न्याय पाने के अधिकार को प्रभावित कर सकता है।

शिकायतकर्ता ने आरोप की स्वतंत्र जांच, सबूतों को सुरक्षित रखने और ‘जांच को कमजोर करने या प्रभावित करने की किसी भी कोशिश की निष्पक्ष जांच’ की मांग की है। शिकायतकर्ता ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि दुष्कर्म पीड़िता के न्याय पाने का अधिकार ‘किसी भी प्रभाव, ओहदे या पद से ऊपर’ होना चाहिए।

आयोग की कार्यवाही के अनुसार, ‘मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993’ की धारा 12 के तहत मामले का संज्ञान लेने के बाद एनएचआरसी की एक पीठ (जिसकी अध्यक्षता सदस्य प्रियंक कानूनगो ने की) ने कहा कि यह आरोप प्रथम दृष्टया पीड़ित के मानवाधिकारों का उल्लंघन प्रतीत होता है।

पीठ ने कहा, ‘‘रजिस्ट्री को निर्देश दिया जाता है कि वह पंजाब सरकार के मुख्य सचिव और पंजाब के पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी करे और उनसे कहे कि ‘शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कराएं और आयोग को दो हफ़्ते के अंदर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट सौंपें।’

पीठ ने यह भी कहा, ‘‘इस कार्यवाही की एक प्रति जानकारी के लिए नई दिल्ली में गृह मंत्रालय के महिला सुरक्षा विभाग के संयुक्त सचिव को भी भेजी जाए।’’

इस बीच, प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि मुख्यमंत्री मान को अपनी पत्नी पर लगे गंभीर आरोपों पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।

शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में मान से कहा, ‘‘आपकी पत्नी पर पांच करोड़ रुपये की रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा है और एनएचआरसी ने आपके डीजीपी और मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है।’’

उन्होंने यह भी कहा कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए मान को तुरंत इस मामले को सीबीआई को सौंपने की सिफारिश करनी चाहिए।

भाषा राजकुमार दिलीप

दिलीप