‘शुद्धिकरण’ मामले में छलका खरगे का दर्द; ‘अच्छा लिखने और दिखने वालों’ ने आवाज नहीं उठाई

‘शुद्धिकरण’ मामले में छलका खरगे का दर्द; ‘अच्छा लिखने और दिखने वालों’ ने आवाज नहीं उठाई

‘शुद्धिकरण’ मामले में छलका खरगे का दर्द; ‘अच्छा लिखने और दिखने वालों’ ने आवाज नहीं उठाई
Modified Date: August 20, 2026 / 07:39 pm IST
Published Date: August 20, 2026 7:39 pm IST

नयी दिल्ली, 20 अगस्त (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उत्तराखंड में पिछले दिनों उनके सभा स्थल पर ‘शुद्धिकरण’ किए जाने के बाद पार्टी के कई सहयोगियों से अपेक्षित समर्थन नहीं मिलने पर अपनी पीड़ा व्यक्त की और कहा कि ‘‘अच्छा लिखने और अच्छा दिखने वालों’’ ने आवाज नहीं उठाई।

सूत्रों ने बताया कि बुधवार को कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में खरगे ने यह टिप्पणी की।

हालांकि, खरगे ने इस मुद्दे को मजबूती से आवाज उठाने और भाजपा-आरएसएस को घेरने के लिए कांग्रेस की उत्तराखंड इकाई की सराहना की।

सूत्रों के मुताबिक, खरगे ने उन वरिष्ठ नेताओं पर हल्के-फुल्के अंदाज में तंज किया, जिन्होंने उनके समर्थन में मजबूती से आवाज नहीं उठाई।

उन्होंने कहा, ‘‘जो लिखते अच्छा हैं और दिखते अच्छा हैं उन्होंने इस मुद्दे पर मजबूती से अपनी आवाज नहीं उठाई।’’

खरगे ने पार्टी नेताओं से सामाजिक न्याय के मुद्दों पर आक्रामक रुख अपनाने और जातिगत भेदभाव के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ने का आग्रह किया।

कार्य समिति की बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने बताया था कि कार्यसमिति ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में खरगे की सभा के स्थल के ‘शुद्धिकरण’ की घटना की कड़ी निंदा की।

वेणुगोपाल ने इस घटना को पूरी तरह अस्वीकार्य बताते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाया और कहा कि सीडब्ल्यूसी ने मांग की है कि मोदी को इस मुद्दे पर माफी मांगनी चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि ‘‘शुद्धिकरण’’ भाजपा-आरएसएस से जुड़े लोगों ने किया था।

भाषा हक हक नरेश

नरेश


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