नयी दिल्ली, 17 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा- स्नातक (नीट-यूजी) 2026 की पुन: परीक्षा में पूरे देश में दूसरी रैंक और 99.9999 पर्सेंटाइल हासिल करके संयुक्त टॉपर बने हरियाणा के पांशुल बंसल ने शुक्रवार को कहा कि प्रश्नपत्र लीक विवाद से वह शुरुआत में निराश हो गए थे, लेकिन इसी वजह से उन्होंने पुन: परीक्षा के लिए और ज्यादा मेहनत व पूरे ध्यान से पढ़ाई की।
नयी दिल्ली के ग्रेटर कैलाश स्थित के. आर. मंगलम वर्ल्ड स्कूल के छात्र पांशुल बंसल ने परीक्षा में 715 अंक हासिल किए।
उन्होंने कहा कि देश के सबसे अच्छे मेडिकल कॉलेज में दाखिला पाना उनका लंबे समय से सपना है।
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘यह मेरे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि अब मेरा सपना पूरा होने जा रहा है। मुझे भारत के सबसे अच्छे मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिलेगा और मैं एमबीबीएस की पढ़ाई कर सकूंगा।’
प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने इस साल नीट-यूजी की मूल परीक्षा रद्द कर दी थी और दोबारा परीक्षा कराई गई थी।
परीक्षा रद्द होने के बाद के समय को याद करते हुए पांशुल ने कहा कि शुरुआत में उन्हें दोबारा तैयारी करने पर बुरा लगा था।
उन्होंने कहा, ‘जब प्रश्नपत्र लीक हुआ तो मुझे बहुत बुरा लगा, क्योंकि मुझे सब कुछ फिर से पढ़ना पड़ा। लेकिन बाद में मैंने सकारात्मक सोचा और तय किया कि एक महीने तक पूरा ध्यान लगाकर तैयारी करूंगा। उसी का नतीजा है कि मुझे यह सफलता मिली।’
एक सवाल के जवाब में पांशुल ने कहा कि दूसरी परीक्षा पहली परीक्षा जैसी ही था, लेकिन दूसरी परीक्षा का प्रश्नपत्र हल करने में ज्यादा समय लगा।
उन्होंने कहा, ‘दोनों प्रश्नपत्र लगभग समान थे। हालांकि, दूसरी परीक्षा में भौतिकी का हिस्सा लंबा था और उसमें पैराग्राफ आधारित सवाल थे, इसलिए उसे हल करने में ज्यादा समय लगा। पहली परीक्षा अपेक्षाकृत आसान थी।’
पांशुल ने कहा कि जब भी प्रश्नपत्र लीक हो, जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘जब भी प्रश्नपत्र लीक हो, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए मजबूत व्यवस्था होनी चाहिए।’
उन्होंने परीक्षा की तैयारी के दौरान माता-पिता की ओर से मिले सहयोग व प्रेरणा को सफलता का अहम कारण बताया।
उन्होंने कहा, ‘मेरे माता-पिता ने ही मुझे सबसे अधिक प्रेरित किया।’
प्रतियोगी परीक्षाओं के तनाव से जूझ रहे छात्रों के लिए संदेश देते हुए पांशुल ने कहा कि किसी एक परीक्षा से किसी की किस्मत का फैसला नहीं होता।
उन्होंने कहा, ‘यह परीक्षा आपकी जिंदगी से बड़ी नहीं है। आज करियर बनाने के लिए कई अवसर मौजूद हैं। अगर एक रास्ते पर सफलता नहीं मिलती, तो दूसरे भी कई रास्ते हैं। इसलिए किसी एक परीक्षा की वजह से छात्रों को उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए।’
भाषा जोहेब माधव
माधव