चंडीगढ़, पांच अगस्त (भाषा) पंजाब में परीक्षा के प्रश्न पत्र कथित तौर पर लीक होने के खिलाफ अलग-अलग विरोध प्रदर्शनों के दौरान, युवा कांग्रेस और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं को पंजाब विधानसभा की ओर मार्च करने से रोकने के लिए पुलिस ने बुधवार को यहाँ पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। दोनों संगठनों ने राज्य के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग की।
युवा कांग्रेस की पंजाब इकाई के कार्यकर्ता सेक्टर 15 स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर एकत्र हुए थे और उन्होंने विधानसभा का घेराव करने के लिए मार्च निकालने की योजना बनाई थी।
चंडीगढ़ पुलिस ने कांग्रेस कार्यालय के बाहर बैरिकेड लगा दिए थे और भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया।
प्रदर्शनकारियों ने जब बैरिकेड पार करने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार की और बाद में कुछ देर के लिए हिरासत में ले लिया।
वहीं, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध एबीवीपी के कार्यकर्ता भी अलग प्रदर्शन के तहत सेक्टर 25 स्थित रैली स्थल के पास एकत्र हुए और विधानसभा की ओर मार्च करने की योजना बनाई। पंजाब विधानसभा का मानसून सत्र जारी है।
पुलिस ने रैली ग्राउन्ड के पास भी बैरिकेड लगाए थे और एबीवीपी कार्यकर्ताओं को विधानसभा की ओर बढ़ने से रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने जब बैरिकेड पार करने का प्रयास किया, तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया।
पत्रकारों से बातचीत में चिब ने कहा कि जब भी युवा अपनी आवाज उठाते हैं तो उन्हें पानी की बौछारों और लाठीचार्ज का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा, ‘हाल ही में दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अधीन पुलिस ने छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की और यहां भगवंत मान सरकार पंजाब के युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। जिस तरह धर्मेंद्र प्रधान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा, उसी तरह पंजाब के शिक्षा मंत्री को भी इस्तीफा देना होगा।’
एबीवीपी के अलग विरोध प्रदर्शन में शामिल एक सदस्य ने कहा कि वे कथित तौर पर कई बार प्रश्नपत्र लीक होने के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं और बैंस के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘भगवंत मान सरकार मूकदर्शक बनी बैठी है। मुख्यमंत्री को अपने शिक्षा मंत्री से इस्तीफा मांगना चाहिए… यहां छात्र शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं और हम रैली स्थल से विधानसभा तक मार्च करना चाहते थे। क्या छात्र शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन भी नहीं कर सकते?’।
फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा में हाल ही में नकल रैकेट का भंडाफोड़ होने के बाद, विपक्ष कथित तौर पर कई परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने के मामलों को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर हमलावर है।
हालांकि, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दोहराया है कि उनकी सरकार के चार साल से अधिक के कार्यकाल के दौरान पंजाब में प्रश्नपत्र लीक की एक भी घटना नहीं हुई है।
भाषा
शुभम दिलीप
दिलीप