Ayodhya Ram Mandir Donation Case: अयोध्या राममंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी का मामला.. इस वकील ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका, इन एजेंसियों से निष्पक्ष जांच कराने की मांग

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Ayodhya Ram Mandir Donation Case PIL Filed in SC: राम मंदिर दान प्रबंधन में कथित गड़बड़ी पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका, स्वतंत्र जांच की मांग।

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  • Publish Date - June 15, 2026 / 11:58 PM IST,
    Updated On - June 15, 2026 / 11:58 PM IST

Ayodhya Ram Mandir Donation Case PIL Filed in SC || Image- AI Generated File

HIGHLIGHTS
  • राम मंदिर चढ़ावा मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर।
  • सीबीआई जैसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग।
  • दान प्रबंधन में पारदर्शिता और न्यायिक निगरानी की मांग।

नई दिल्ली: अयोध्या स्थित श्री रामजन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर गंभीर आरोपों के बीच सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। (Ayodhya Ram Mandir Donation Case PIL Filed in SC) याचिका में दान राशि के दुरुपयोग, गायब होने और वित्तीय गड़बड़ी की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की गई है।

न्यायिक निगरानी व्यवस्था बनाने की भी मांग

अधिवक्ता अनूप प्रकाश अवस्थी द्वारा भेजी गई इस याचिका में सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया गया है कि मामले में एफआईआर दर्ज करने और सीबीआई जैसी स्वतंत्र एजेंसी से न्यायालय की निगरानी में जांच कराने के निर्देश दिए जाएं। साथ ही मंदिर में प्राप्त होने वाले दान की वसूली, लेखा-जोखा, रखरखाव और उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए न्यायिक निगरानी व्यवस्था बनाने की भी मांग की गई है।

याचिका में कहा गया है कि राम जन्मभूमि मंदिर देश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है और यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दान करते हैं। ऐसे में दान राशि के प्रबंधन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी लोगों की आस्था से जुड़ा गंभीर विषय है। (Ayodhya Ram Mandir Donation Case PIL Filed in SC) याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि मंदिर के दान प्रबंधन से जुड़े कुछ लोगों के पास उनकी ज्ञात आय से अधिक संपत्ति और धन होने की खबरें सामने आई हैं। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी, लेकिन इन खबरों ने श्रद्धालुओं के बीच चिंता बढ़ा दी है।

गड़बड़ी के मामले में कोई स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं

याचिका में कहा गया है कि अभी तक वित्तीय नुकसान की वास्तविक राशि और गड़बड़ी के तरीके के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं है। इसके बावजूद इतने गंभीर आरोपों के बाद भी किसी संज्ञेय अपराध के संबंध में एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि करोड़ों श्रद्धालुओं का विश्वास बनाए रखने के लिए निष्पक्ष, स्वतंत्र और व्यापक जांच जरूरी है।

दान में गड़बड़ी के मामले में संजय सिंह मुखर

कथित गड़बड़ियों पर चर्चा करते हुए आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा है कि, “मैंने कागज़ात के साथ आरोप लगाया है। (Ayodhya Ram Mandir Donation Case PIL Filed in SC) अप्रैल 2024 में संत मुरली दास से ज़मीन का एक टुकड़ा खरीदा गया था, जो नजूल की ज़मीन थी। यह मैं दावा नहीं कर रहा हूँ, बल्कि योगी सरकार के अधिकारी, जिसमें ज़िला मजिस्ट्रेट भी शामिल हैं, खुद इसकी पुष्टि कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट से जांच की निगरानी करने का अनुरोध

वही राम मंदिर दान मामले की जांच के लिए यूपी सरकार द्वारा 3 सदस्यों की SIT बनाने पर समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा हैं कि, “यह देश से जुड़ा एक बहुत बड़ा मुद्दा है। यह एक राष्ट्रीय मुद्दा है क्योंकि इसमें देश के करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, मैंने सुप्रीम कोर्ट से जांच की निगरानी करने का अनुरोध किया है… निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच केवल सर्वोच्च संस्था ही कर सकती है।”

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Q1. सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में क्या मांग की गई है?

उत्तर: दान प्रबंधन में कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है।

Q2. याचिका किसने दायर की है?

उत्तर: यह याचिका अधिवक्ता अनूप प्रकाश अवस्थी द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है।

Q3. याचिका में किन एजेंसियों से जांच की मांग की गई है?

उत्तर: सीबीआई जैसी स्वतंत्र एजेंसी से न्यायालय की निगरानी में जांच की मांग की गई है।

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