नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने एलपीजी की कथित कमी के संबंध में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की टिप्पणी को बृहस्पतिवार को ‘‘दिखावा’’ बताया और उन पर लोकसभा में ‘‘बेबुनियाद’’ मुद्दे उठाकर देश की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का आरोप लगाया।
गोयल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देश का उल्लंघन करते हुए संसद के मकर द्वार पर प्रदर्शन करने को लेकर गांधी और कांग्रेस सदस्यों की निंदा की और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
लोकसभा में राहुल ने कहा कि ‘‘किसी भी देश की बुनियाद ऊर्जा सुरक्षा है’’ और ऐसे में भारत जैसा देश किसी दूसरे देश के राष्ट्रपति को यह तय करने की इजाजत कैसे दे सकता है कि ‘‘हम रूस से तेल खरीदें या नहीं।’’
गोयल ने संसद भवन परिसर में पत्रकारों से कहा कि केंद्रीय बजट पर महत्वपूर्ण चर्चा हो रही थी, लेकिन विपक्ष के नेता को बोलने का मौका देने के लिए इसे रोक दिया गया। हालांकि, उन्होंने आम लोगों या मुद्दे की गंभीरता के प्रति कोई चिंता नहीं दिखाई।
उन्होंने आरोप लगाया, “मेरा मानना है कि यह महज दिखावा है जो राहुल गांधी आम लोगों या एलपीजी सिलेंडर की चिंता जताने के लिए कर रहे हैं। वह सदन में बेबुनियाद मुद्दे उठाना चाहते हैं और देश की प्रतिष्ठा को धूमिल करने वाले मुद्दे उठाना चाहते हैं। उनका एजेंडा राष्ट्रीय हित में नहीं है।”
गोयल ने कहा, “मैं राहुल गांधी, उनके दल के सदस्यों और मकर द्वार पर बैठे उन सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करता हूं जो संसद के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। अध्यक्ष ने स्पष्ट रूप से आदेश दिया है कि वहां किसी भी प्रकार का प्रदर्शन प्रतिबंधित है। फिर भी, वे लोग न केवल प्रदर्शन कर रहे हैं, बल्कि पार्टी कर रहे हैं, टोस्ट, बिस्कुट खा रहे हैं और चाय पी रहे हैं।”
भाषा
अविनाश सुभाष
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