राहुल गांधी ने ‘विक्रम-1’ के पहले कक्षीय प्रक्षेपण की सराहना की

राहुल गांधी ने ‘विक्रम-1’ के पहले कक्षीय प्रक्षेपण की सराहना की

राहुल गांधी ने ‘विक्रम-1’ के पहले कक्षीय प्रक्षेपण की सराहना की
Modified Date: July 19, 2026 / 12:18 am IST
Published Date: July 19, 2026 12:18 am IST

(तस्वीर सहित)

नयी दिल्ली, 18 जुलाई (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत में निजी क्षेत्र द्वारा विकसित पहले कक्षीय रॉकेट ‘विक्रम-1’ के सफल प्रक्षेपण की शनिवार को सराहना करते हुए कहा कि देश तब सबसे मजबूत होता है, जब सार्वजनिक संस्थान और निजी उद्यम, विज्ञान एवं समाज की सेवा के लिए एक-दूसरे की क्षमताओं को आगे बढ़ाते हैं।

‘विक्रम-1’ ने शनिवार को कई तकनीकी पेलोड और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पोस्टकार्ड सहित विभिन्न पोस्टकार्ड को सफलतापूर्वक पृथ्वी की निचली कक्षा में पहुंचा दिया।

‘मिशन आगमन’ नाम से संचालित इस मिशन के साथ भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र ने पहली बार उपग्रहों को पृथ्वी की कक्षा में स्थापित करने वाले वैश्विक बाजार में औपचारिक रूप से प्रवेश कर लिया। इस मिशन का संचालन हैदराबाद आधारित निजी कंपनी ‘स्काईरूट एयरोस्पेस’ ने किया। इसके साथ ही भारत निजी क्षेत्र की कक्षीय प्रक्षेपण क्षमता रखने वाला अमेरिका और चीन के बाद तीसरा देश बन गया।

गांधी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘भारत में निजी क्षेत्र द्वारा विकसित पहले कक्षीय रॉकेट ‘विक्रम-1’ की सफल उड़ान वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीशियनों के वर्षों के धैर्य, सटीकता और बिना किसी शोर-शराबे के किए गए कार्य का सम्मान है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘स्काईरूट एयरोस्पेस की असाधारण युवा टीम तथा इस मिशन में सहयोग देने वाले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस) से जुड़े सभी लोगों को मेरी बधाई।’’

गांधी ने कहा, ‘‘भारत तब सबसे मजबूत होता है, जब सार्वजनिक संस्थान और निजी उद्यम, विज्ञान तथा समाज की सेवा के लिए एक-दूसरे की क्षमताओं को आगे बढ़ाते हैं और जब हमारे युवाओं को महत्वाकांक्षी विचारों को वास्तविकता में बदलने के लिए अवसर तथा भरोसा दिया जाता है।’’

भाषा

सिम्मी संतोष

संतोष


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