विधायक नागेंद्र को अयोग्य ठहराने वाले अदालत के फैसले पर राहुल गांधी जवाब दें:रेड्डी
विधायक नागेंद्र को अयोग्य ठहराने वाले अदालत के फैसले पर राहुल गांधी जवाब दें:रेड्डी
(फाइल फोटो के साथ)
हैदराबाद, 19 सिंतबर (भाषा) केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने शनिवार को मांग की कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने के कारण दानम नागेंद्र को तेलंगाना उच्च न्यायालय द्वारा विधानसभा सदस्यता के लिए अयोग्य ठहराये जाने के मामले पर जवाब दें।
कांग्रेस और बीआरएस पर निशाना साधते हुए केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री किशन रेड्डी ने कहा कि उच्च न्यायालय का फैसला इन दोनों दलों के मुंह पर तमाचा है। उन्होंने इन पार्टियों पर ‘दल-बदल को बढ़ावा देने’ का आरोप लगाया।
किशन रेड्डी ने याद दिलाया कि बीआरएस विधायक होने के बावजूद नागेंद्र ने कांग्रेस की ओर से 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ा था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को यह बताना चाहिए कि कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें टिकट कैसे दिया।
उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए सवाल किया, ‘‘राहुल गांधी को उच्च न्यायालय के फैसले पर जवाब देना चाहिए। पार्टी टिकट दिल्ली में तय होते हैं। विधानसभा रिकॉर्ड के मुताबिक, जब नागेंद्र बीआरएस के विधायक थे, तब कांग्रेस ने उन्हें टिकट कैसे दिया? क्या राहुल गांधी और कांग्रेस को संविधान के बारे में बात करने का नैतिक अधिकार है?’’
उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी का संविधान की प्रति लेकर घूमना और उसकी रक्षा की बात करना पूरी तरह से दिखावा और नाटक है।’’
उनके अनुसार, अविभाजित आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. राजशेखर रेड्डी और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने भी सत्ता में रहते हुए दल-बदल को बढ़ावा दिया था।
किशन रेड्डी ने सबिता इंद्रा रेड्डी का उदाहरण दिया, जो कांग्रेस के टिकट पर निर्वाचित हुई थीं और पिछली बीआरएस सरकार के दौरान अपने विधायक पद से इस्तीफा दिए बिना ही मंत्री बन गई थीं।
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि मौजूदा कांग्रेस सरकार भी पिछली बीआरएस सरकार के रास्ते पर ही चल रही है।
किशन रेड्डी ने कांग्रेस और बीआरएस पर ‘‘सत्ता का दुरुपयोग करने और भ्रष्टाचार में शामिल होने’’ का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि इन दोनों पार्टियों में कोई अंतर नहीं है।
भाजपा नेता किशन रेड्डी ने कहा कि चूंकि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पिछली बीआरएस सरकार पर कई आरोप लगाए थे, ऐसे में वह जानना चाहते हैं कि क्या सत्ता में आने के लगभग तीन साल बाद रेवंत रेड्डी ने उन आरोपों पर कोई कार्रवाई की है।
तेलंगाना उच्च न्यायालय ने 18 सितंबर को बीआरएस विधायक दानम नागेंद्र को विधानसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य घोषित कर दिया, जो सत्ताधारी कांग्रेस में शामिल हो गए थे।
उच्च न्यायालय ने विधानसभा अध्यक्ष के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें उनकी अयोग्यता की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया गया था।
भाषा
राजकुमार संतोष
संतोष

Facebook


