चंडीगढ़, सात फरवरी (भाषा) केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने शनिवार को उनके लिये “गद्दार” शब्द का इस्तेमाल करने पर राहुल गांधी की आलोचना की और आरोप लगाया कि वह अपना आपा खोकर उनकी ओर आ रहे थे।
केंद्रीय रेल और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री ने उनके साथ खड़े रहने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा नेताओं की भी सराहना की।
बिट्टू बुधवार सुबह जब संसद में प्रवेश कर रहे थे, तो गांधी ने उन्हें “गद्दार” कहा, जिसके जवाब में मंत्री ने “देश के दुश्मन” का तंज कसा।
यह घटना संसद के मकर द्वार के ठीक बाहर हुई, जहां गांधी सीढ़ियों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे निलंबित कांग्रेस सांसदों के साथ एकजुटता में खड़े थे। इन सांसदों में से ज्यादातर पंजाब से थे। मकर द्वार मुख्य प्रवेश द्वार है जहां से सांसद नए संसद भवन में प्रवेश करते हैं।
अमृतसर में मीडिया से बात करते हुए बिट्टू ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस को बीच में नहीं छोड़ा, उन्होंने कांग्रेस सांसद के रूप में अपना तीसरा कार्यकाल पूरा किया और उसके बाद वह भाजपा में शामिल हो गए।
गांधी के साथ हुई घटना का जिक्र करते हुए बिट्टू ने कहा, “उनके (गांधी के) अंदर का गुब्बारा फूट गया। बहुत बड़े परिवार के व्यक्ति, देखिए क्या कह रहे थे।”
बिट्टू ने कहा, और वह हाथ मिलाने की पेशकश कर रहे थे, यह सोचकर कि वह एक ‘शहंशाह’ हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या गांधी ने उन पर हमला करके अपना कद कम किया है, बिट्टू ने कहा, “आप यह कह सकते हैं।” उन्होंने कहा, “राजनीति में हम विचारधारा की बात करते हैं लेकिन व्यक्तिगत हमले नहीं करते।”
एक सवाल के जवाब में बिट्टू ने आरोप लगाया कि जब वह संसद जा रहे थे तो गांधी आपा खोकर उनकी ओर आ रहे थे। उनका एक हाथ कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल और दूसरा हाथ गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर रंधावा ने पकड़ रखा था।
बिट्टू ने दावा किया, “वह इतने हिंसक हो गए, पता नहीं उनका इरादा क्या था, सिर्फ भगवान जानते हैं।”
बिट्टू ने लोकसभा में विपक्ष के नेता पर निशाना साधते हुए पूछा कि जब अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री बनाया गया तो वह किस पार्टी से आए थे और नवजोत सिंह सिद्धू किस पार्टी से आए थे जब उन्हें पंजाब कांग्रेस प्रमुख बनाया गया था।
बिट्टू ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल छोड़ने के बाद अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री बनाया गया था।
बिट्टू ने अन्य राजनीतिक दलों से आने वाले नेताओं को महत्वपूर्ण पद देने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पूछा, “(पंजाब) कांग्रेस अध्यक्ष किसे बनाया गया? नवजोत सिंह सिद्धू। वह किस पार्टी से आए थे? क्या वह कांग्रेसी थे?”
बिट्टू ने संसद में हुई घटना के बाद उनकी आलोचना करने के लिए अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, सुखजिंदर सिंह रंधावा और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी सहित पंजाब कांग्रेस के नेताओं पर भी निशाना साधा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रंधावा और वडिंग दोनों उपचुनाव में अपनी पत्नियों की जीत सुनिश्चित करने में विफल रहे।
उन्होंने रंधावा की पत्नी को “आंटी” और वडिंग की पत्नी को “कांग्रेस की भाभी जी” कहते हुए कहा कि दोनों अपने-अपने उपचुनाव हार गए हैं।
बिट्टू ने उनके दादा और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह, जिनकी 1995 में हत्या कर दी गई थी, को भारत रत्न नहीं देने के लिए कांग्रेस पर हमला बोला। बिट्टू ने कहा कि उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्रियों इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को भारत रत्न दिया। बिट्टू 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हो गए।
बिट्टू राज्यसभा सदस्य हैं जिन्हें नरेन्द्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में मंत्री पद दिया गया।
भाषा प्रशांत संतोष
संतोष