Railway Projects Approved Today: स्टील सिटी में बिछेगी तीसरी और चौथी लाइन.. 34 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम, रेलवे ने दी बड़े प्रोजेक्ट्स को मंजूरी

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केरल में एर्नाकुलम-तुरावुर-कयनकुलम रूट पर सिंगल लाइन की समस्या खत्म की जाएगी। इसके बाद रोजाना 9 अतिरिक्त यात्री ट्रेनें चलाई जा सकेंगी और माल ढुलाई क्षमता बढ़ेगी। पलक्कड़ बाईपास परियोजना से ट्रेनों को इंजन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे यात्रियों का समय बचेगा।

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  • Publish Date - February 9, 2026 / 09:34 PM IST,
    Updated On - February 9, 2026 / 09:34 PM IST

Railway Projects Approved Today || Image- Indian Railway File

HIGHLIGHTS
  • रेलवे की कई बड़ी परियोजनाएं मंजूर
  • लाइन दोहरीकरण से बढ़ेगी क्षमता
  • सिग्नलिंग सिस्टम होगा अधिक सुरक्षित

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने देशभर में रेल यात्रा को तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए कई बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन योजनाओं का मकसद ट्रेनों की भीड़ कम करना, लाइन क्षमता बढ़ाना और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना है। (Railway Projects Approved Today) इसमें दक्षिणी रेलवे, उत्तरी रेलवे और दक्षिण पूर्वी रेलवे की कई अहम परियोजनाएं शामिल हैं।

माल ढुलाई में आएगी तेजी

झारखंड में दक्षिण पूर्वी रेलवे के तहत बारबेंडा-दमरुघुतु लाइन के दोहरीकरण और दमरुघुतु-बोकारो स्टील सिटी के बीच तीसरी और चौथी लाइन बिछाने को मंजूरी दी गई है। यह इलाका कोयला, स्टील और सीमेंट उद्योग के लिए महत्वपूर्ण है। अभी यह रूट 108 प्रतिशत क्षमता पर चल रहा है और रोजाना 78 ट्रेनें यहां से गुजरती हैं। बिना विस्तार के 2028-29 तक इसकी क्षमता 132 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है।

इस परियोजना से सेंट्रल कोलफील्ड्स, स्टील प्लांट, पेट्रोलियम डिपो और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे माल ढुलाई तेज होगी और देश की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिलेगी।

34 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम

उत्तरी रेलवे में 34 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लगाने को मंजूरी दी गई है। इनमें दिल्ली डिवीजन के 21 और अंबाला डिवीजन के 13 स्टेशन शामिल हैं। (Railway Projects Approved Today) इस पर कुल सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे सिग्नलिंग सिस्टम बेहतर होगा और ट्रेन संचालन ज्यादा सुरक्षित और तेज होगा।

राजपुरा बाईपास लाइन को भी मंजूरी दी गई है, जिससे मालगाड़ियों को भीड़भाड़ वाले राजपुरा यार्ड से गुजरने की जरूरत नहीं होगी। इससे अंबाला-जालंधर रूट पर ट्रेनों की आवाजाही आसान होगी और माल ढुलाई में तेजी आएगी।

रोजाना 9 अतिरिक्त यात्री ट्रेनों का संचालन

केरल में एर्नाकुलम-तुरावुर-कयनकुलम रूट पर सिंगल लाइन की समस्या खत्म की जाएगी। इसके बाद रोजाना 9 अतिरिक्त यात्री ट्रेनें चलाई जा सकेंगी और माल ढुलाई क्षमता बढ़ेगी। पलक्कड़ बाईपास परियोजना से ट्रेनों को इंजन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे यात्रियों का समय बचेगा।

तमिलनाडु में इरुगुर-पोडानूर लाइन के दोहरीकरण को भी मंजूरी मिली है। (Railway Projects Approved Today) इससे रोजाना 15 अतिरिक्त यात्री ट्रेनें चल सकेंगी और माल ढुलाई क्षमता बढ़ेगी। रेलवे का कहना है कि इन सभी परियोजनाओं से यात्रा तेज होगी, माल ढुलाई मजबूत होगी और देश के आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

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Q1. भारतीय रेलवे ने किन प्रमुख परियोजनाओं को मंजूरी दी?

लाइन दोहरीकरण, नई लाइनें और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम की परियोजनाएं मंजूर हुईं।

Q2. इन परियोजनाओं से यात्रियों को क्या लाभ होगा?

यात्रा तेज, सुरक्षित और अधिक ट्रेनों की सुविधा उपलब्ध होगी।

Q3. माल ढुलाई पर इनका क्या प्रभाव पड़ेगा?

लाइन क्षमता बढ़ने से माल परिवहन तेज और आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी।

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