रेलवे की वित्तीय हालत गंभीर, राजस्व प्राप्तियों का लक्ष्य पूरा नहीं हुआ: कांग्रेस

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रेलवे की वित्तीय हालत गंभीर, राजस्व प्राप्तियों का लक्ष्य पूरा नहीं हुआ: कांग्रेस

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  • Publish Date - March 16, 2026 / 12:56 PM IST,
    Updated On - March 16, 2026 / 12:56 PM IST

नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) कांग्रेस ने सरकार पर रेलवे से संबंधित राजस्व प्राप्तियों के लक्ष्य हासिल करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए सोमवार को कहा कि भारतीय रेल की वित्तीय हालत गंभीर है।

वर्ष 2026-27 के लिए रेल मंत्रालय के नियंत्रणाधीन अनुदान की मांगों पर लोकसभा में चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने कहा कि सरकार को स्थिति में सुधार के लिए स्पष्ट दिशा सामने रखनी चाहिए।

बिहार के कटिहार से लोकसभा सदस्य ने कहा, ‘‘राजस्व वसूली पूरी तरह कम हो गई है। यात्री श्रेणी में 92 हजार करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 80 हजार करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया जा सका, जबकि दो बार किराये में बढ़ोतरी हुई है।’’

अनवर ने कहा, ‘‘सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए परिचालन अनुपात का आंकड़ा पेश नहीं किया है जो इस बात का संकेत है कि सरकार को अपने लक्ष्य पूरे होते नहीं दिख रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि रेल दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ‘कवच’ प्रणाली की स्थापना के लिए जो लक्ष्य रखे गए हैं, वो भी बजट आवंटन को देखते हुए ‘दूर की कौड़ी’ नजर आते हैं।

लोकसभा सदस्य ने दावा किया कि ‘अमृत भारत’ के तहत 160 स्टेशनों पर काम हो पाया है तथा इसके लिए 12 हजार करोड़ रुपये के बजट आवंटन के बावजूद यह कार्य उदासीनता का शिकार है।

अनवर के अनुसार, रेलवे में रोजगार सृजन की कमी होना चिंताजनक है तथा युवाओं में रोष बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘रेलवे का वित्तीय स्वास्थ्य गंभीर स्थिति में है। हमें सिर्फ सुर्खियां नहीं, बल्कि स्पष्ट दिशा चाहिए। ’’

अनवर ने कहा कि भारतीय रेल देश की जीवन रेखा है और इसलिए इसे अधिक से अधिक प्रभावशाली बनाने तथा लोगों के लिए सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत है।

चर्चा में भाग लेते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद नीरज मौर्य ने कहा कि सरकार को ट्रेनों के भीतर की स्थिति को सुधारने के लिए कदम उठाने चाहिए।

उन्होंने दावा किया, ‘‘जब मैं अपने क्षेत्र (आंवला) ट्रेन से जाता हूं तो कई बार ट्रेन में कॉकरोच और चूहे दिखाई देते हैं।’’

तृणमूल कांग्रेस की सांसद जून मालिआ ने कहा कि पश्चिम बंगाल में रेलवे का विकास कई दूसरे राज्यों के मुकाबले कम हुआ है।

उनका कहना था कि दूसरे राज्यों के लिए रेलवे बजट बहुत अधिक बढ़ता है, लेकिन पश्चिम बंगाल के लिए ऐसा नहीं होता है।

मालिआ ने कहा, ‘‘हम चैरिटी नहीं चाहते हैं, लेकिन हम उचित हिस्सेदारी चाहते हैं।’’

भाषा हक हक वैभव

वैभव