ओडिशा में बारिश: 8,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया
ओडिशा में बारिश: 8,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया
भुवनेश्वर/कोरापुट, 24 सितंबर (भाषा) ओडिशा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के चलते राज्य सरकार ने निचले और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
भारी बारिश के कारण दक्षिणी जिलों में बाढ़ और भूस्खलन की आशंका के बीच राज्य सरकार ने पंचायत राज मंत्री रबी नारायण नाइक और मत्स्य मंत्री गोकुलानंद मल्लिक को क्रमश: कोरापुट और गजपति भेजा है ताकि वे स्थिति से निपटने की तैयारियों की निगरानी कर सकें।
दक्षिणी जिलों से और बारिश तथा जलभराव की खबरों के बीच परिवहन मंत्री बिभूति भूषण जेना और स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड को क्रमश: गंजाम और नबरंगपुर जाने को कहा गया है।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि जेना बृहस्पतिवार शाम गंजाम पहुंचेंगे जबकि गोंड विधानसभा में प्रश्नकाल में हिस्सा लेने के बाद शुक्रवार को नबरंगपुर के लिए रवाना होंगे।
उन्होंने बताया कि राहत कार्यों की निगरानी और नुकसान का आकलन करने के लिए चार वरिष्ठ अधिकारियों को भी प्रभावित जिलों में भेजा गया है।
पुजारी ने कहा कि बारिश से गंजाम, गजपति, मलकानगिरी, कोरापुट, रायगढ़ और नबरंगपुर प्रभावित हुए हैं।
पुजारी ने बताया कि सत्तारूढ़ भाजपा ने प्रभावित क्षेत्रों के विधायकों को अपने-अपने इलाकों का दौरा कर स्थानीय प्रशासन की मदद करने को कहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निर्देश पर प्रशासन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई जनहानि नहीं हो।
पुजारी ने कहा, ‘‘बृहस्पतिवार दोपहर तक 8,082 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है और यह प्रक्रिया जारी है। जिला कलेक्टरों को जलभराव वाले संवेदनशील इलाकों से लोगों को निकालने के निर्देश दिए गए हैं।’’
पुजारी ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है। प्रभावित जिलों से पेड़ उखड़ने, भूस्खलन, जलभराव, सड़कें अवरुद्ध होने और सड़कों पर बारिश का पानी बहने की खबरें मिली हैं।
हालांकि उन्होंने कहा कि अभी तक किसी के घायल होने या जनहानि की खबर नहीं है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी दी है कि बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। विभाग ने अगले दो दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है।
आईएमडी के सूत्रों के अनुसार राज्य में बृहस्पतिवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे में औसतन 70 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। कोरापुट जिले के सेमिलीगुड़ा में सबसे अधिक 193.9 मिलीमीटर बारिश हुई।
राज्य में कम से कम 17 स्थानों पर 100 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई।
मौसम विभाग ने नबरंगपुर के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी करते हुए 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश का अनुमान जताया है। बरगढ़, नुआपाड़ा, बलांगीर, कालाहांडी, कोरापुट और मलकानगिरी के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है जहां अगले 24 घंटे में 12 से 20 सेंटीमीटर बारिश की संभावना है। बालासोर, संबलपुर, झारसुगुड़ा, क्योंझर, मयूरभंज, सुबर्णपुर, बौध, कंधमाल और रायगढ़ा में सात से 11 सेंटीमीटर बारिश के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
जल संसाधन विभाग ने बताया कि भारी बारिश के मद्देनजर राज्यभर में रणनीतिक स्थानों पर रात में गश्त और जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
आईएमडी ने तटीय इलाकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है और मछुआरों को शुक्रवार सुबह तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है।
अधिकारियों ने बताया कि मलकानगिरी-छत्तीसगढ़ मार्ग पर स्थित पुल भी पानी में डूब गया है। बालीमेला, सतीगुड़ा और जालापुट जलाशयों का जलस्तर भी बढ़ा है। बाढ़ और भूस्खलन के खतरे के कारण बालीमेला-चित्रकोंडा घाट मार्ग बंद कर दिया गया है।
कोरापुट में भी पिछले 24 घंटे में भारी बारिश हुई लेकिन अधिकारियों के अनुसार अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और यातायात पर भी कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है।
कोरापुट के जिलाधिकारी मनोज सत्यवान महाजन ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अधिकारियों को सतर्क रखा गया है। परिवहन प्रभावित नहीं हुआ है।
मंत्री रबी नारायण नाइक ने जिला अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति का जायजा लिया।
भाषा
राखी नरेश
नरेश

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