श्रीनगर, 20 सितंबर (भाषा) नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने रविवार को विधायकों से कहा कि वे जम्मू-कश्मीर विधानसभा के शरद सत्र के दौरान अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के लोगों के मुद्दों और मांगों को प्रमुखता से उठाएं।
शरद सत्र शुरू होने से एक दिन पहले अब्दुल्ला ने सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के विधानसभा सदस्यों के साथ-साथ सरकार का समर्थन कर रहे निर्दलीय विधायकों की बैठक की अध्यक्षता की।
विधायकों को संबोधित करते हुए अब्दुल्ला ने उनसे लोगों की चिंताओं को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।
अब्दुल्ला ने कहा, “विधानसभा जनता की चिंताओं को उठाने, सरकार से जवाब मांगने और जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा करने का मंच है।”
उन्होंने कहा कि विधायकों की प्राथमिक जिम्मेदारी सदन में लोगों की चिंताओं को प्रभावी ढंग से उठाना और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार से जवाब मांगना है।
बैठक में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी मौजूद थे।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के एक प्रवक्ता ने बताया कि बैठक में विधायकों ने आगामी विधानसभा सत्र पर चर्चा की और सदन में जनता के मुद्दों, मांगों तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों को उठाने की रणनीति तैयार की।
विधानसभा का शरद सत्र 21 से 30 सितंबर तक है।
भाषा प्रशांत पारुल
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