राजस्थान: साइबर ठगी से बचाव के लिए ‘चक्षु पोर्टल’ अपनाएं, संदिग्ध नंबर और आईएमईआई होगा ‘ब्लॉक’

राजस्थान: साइबर ठगी से बचाव के लिए ‘चक्षु पोर्टल’ अपनाएं, संदिग्ध नंबर और आईएमईआई होगा ‘ब्लॉक’

राजस्थान: साइबर ठगी से बचाव के लिए ‘चक्षु पोर्टल’ अपनाएं, संदिग्ध नंबर और आईएमईआई होगा ‘ब्लॉक’
Modified Date: April 7, 2026 / 09:21 pm IST
Published Date: April 7, 2026 9:21 pm IST

जयपुर, सात अप्रैल(भाषा) राजस्थान पुलिस ने बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए लोगों से भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के ‘संचार साथी’ ऐप के अंतर्गत ‘चक्षु पोर्टल’ को एक प्रभावी हथियार के रूप में उपयोग करने की अपील की है।

उपमहानिरीक्षक पुलिस (साइबर क्राइम) शांतनु कुमार सिंह ने कहा कि ‘चक्षु पोर्टल’ की खासियत यह है कि यह केवल धोखाधड़ी में इस्तेमाल हुए मोबाइल नंबर को ही बंद नहीं करता, बल्कि संबंधित मोबाइल के ‘आईएमईआई नंबर’ को भी कालीसूची में डाल देता है, फलस्वरूप अपराधी उसी फोन में दूसरी सिम डालकर दोबारा ठगी नहीं कर पाते।

उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि आपको कुरियर कंपनियों के नाम पर संदिग्ध कॉल आए या केवाईसी अपडेट के बहाने निजी जानकारी मांगी जाए, या कोई व्यक्ति खुद को पुलिस, सीबीआई, आरबीआई के अधिकारी या ग्राहक अधिकारी बताकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ की धमकी दे, तो ऐसे मामलों की तुरंत चक्षु पोर्टल पर रिपोर्ट करें।

उन्होंने लोगों से यह भी कहा कि इसके अलावा वे 92, 84 या 62 जैसे विदेशी कोड से आने वाले संदिग्ध कॉल, ‘मिस्ड’ कॉल या ‘जॉब ऑफर’ को भी नजरअंदाज न करें और तुरंत सूचना दें। उन्होंने कहा कि यदि ठगी हो चुकी है और पैसे कट गए हैं, तो लोग तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें ताकि राशि को ‘फ्रीज’ कराया जा सके।

साइबर अपराध शाखा ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करें और नजदीकी साइबर थाने, हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर हेल्पडेस्क पर सूचना दें।

भाषा बाकोलिया राजकुमार

राजकुमार


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