राजस्थान : कोटा में कोचिंग उद्योग के कारोबार में वृद्धि, 2026-27 सत्र में दाखिले 20-30 प्रतिशत बढ़े

राजस्थान : कोटा में कोचिंग उद्योग के कारोबार में वृद्धि, 2026-27 सत्र में दाखिले 20-30 प्रतिशत बढ़े

राजस्थान : कोटा में कोचिंग उद्योग के कारोबार में वृद्धि, 2026-27 सत्र में दाखिले 20-30 प्रतिशत बढ़े
Modified Date: March 28, 2026 / 03:31 pm IST
Published Date: March 28, 2026 3:31 pm IST

कोटा, 28 मार्च (भाषा) देश के प्रमुख कोचिंग हब के रूप में पहचाने जाने वाले राजस्थान के कोटा में लंबे समय से जारी मंदी के बाद अब फिर से रौनक लौटती दिख रही है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कोचिंग संस्थानों में दाखिले की प्रक्रिया तेज हो गई है और शुरुआती रुझानों के अनुसार छात्र नामांकन में 20-30 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की जा रही है।

कोटा को आईआईटी-जेईई और नीट की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले विभिन्न कोचिंग संस्थानों के गढ़ (हब) के रूप में जाना जाता है।

पिछले कुछ वर्षों में यहां विद्यार्थियों की संख्या में भारी गिरावट आई थी। वर्ष 2023 से 2025 के बीच छात्रों की संख्या लगभग 30-40 प्रतिशत घटकर 2.5 लाख की तुलना में 85 हजार से एक लाख के बीच रह गई थी। इससे कोचिंग उद्योग का वार्षिक राजस्व भी 6,500–7,000 करोड़ रुपये से घटकर करीब 3,500 करोड़ रुपये रह गया था।

हालांकि, स्थिति अब बदलती नजर आ रही है। दरअसल, 25 मार्च से शुरू हुए नए बैच में देशभर से बड़ी संख्या में छात्र और अभिभावक कोटा पहुंच रहे हैं, जो पिछले तीन वर्षों की मंदी के बाद सुधार के संकेत दे रहा है। कोचिंग संस्थानों में दाखिले की प्रक्रिया दो अप्रैल तक जारी रहेगी।

‘कोटा स्टेशन एरिया ऑटो यूनियन’ के अध्यक्ष फिरोज खान ने इस सुधार पर आशा जताते हुए ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि उन्हें पुराने समृद्ध दिनों की वापसी की उम्मीद है। वहीं, कोटा-बूंदी से सांसद एवं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि शहर छात्रों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और स्थानीय लोगों से विद्यार्थियों के कल्याण में योगदान देने की अपील की।

पिछले चार दशकों में कोटा ने लाखों परिवारों का भरोसा जीता है और छात्रों को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिला दिलाने में सफलता दिलाई है। इस वर्ष भी कोटा के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है। जेईई मेन के जनवरी सत्र में 100 पर्सेंटाइल पाने वाले 12 विद्यार्थियों में से आठ कोटा के संस्थानों से थे।

शहर में छात्रों के लिए लगभग 4,000 छात्रावास और 45,000 पीजी सुविधाएं उपलब्ध हैं। करीब 35 कोचिंग संस्थान यहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराते हैं।

कोटा छात्रावास एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन मित्तल ने कहा कि नए सत्र की शुरुआत में छात्रों का बड़ी संख्या में शहर में आना उम्मीद से अधिक है, जो कोटा की शिक्षा व्यवस्था पर छात्रों व अभिभावकों के भरोसे को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि बढ़ती मांग के बावजूद छात्रावास के संचालकों को किराया न बढ़ाने की सलाह दी गई है।

देश के विभिन्न हिस्सों से आए अभिभावकों ने भी कोटा पर भरोसा जताया।

इंफाल के अजय कुमार, बेगूसराय के ओम कुमार और जलगांव के भावेश ने कोटा को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आदर्श शहर बताया।

वहीं, आंबेडकर नगर के डॉ. अनुराग सिंह ने कहा कि कोटा के बारे में बनी धारणाएं अक्सर वास्तविकता से अलग होती हैं और यहां का शैक्षणिक माहौल बेहतरीन है।

दाखिलों की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ पूरे शहर में अभिभावक प्रशिक्षण और मार्गदर्शन सत्रों में भी तेजी आई है। हजारों छात्र और अभिभावक इन कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं, जहां विशेषज्ञ व्यवहार, तनाव प्रबंधन और प्रेरणा पर मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

स्थानीय लोगों का मानना है कि कोचिंग उद्योग की यह वापसी शहर की अर्थव्यवस्था को भी नयी गति देगी।

भाषा रवि कांत रवि कांत खारी

खारी


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