जयपुर, आठ जनवरी (भाषा) मनरेगा योजना का नाम बदलने और उसमें किए गए बदलावों के विरोध में कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। कांग्रेस 45 दिन तक सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी। इस आंदोलन को ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ नाम दिया गया है।
आंदोलन की रणनीति तय करने के लिए बृहस्पतिवार को जयपुर के नारायण सिंह सर्किल स्थित तोतुका भवन में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की विस्तारित कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से इस संबंध में विज्ञप्ति जारी की गई।
विज्ञप्ति के अनुसार, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया कि मनरेगा का नाम बदलना मुद्दा नहीं है, असल समस्या इसकी मूल भावना को कमजोर करना है। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के समय दिया गया ‘काम का अधिकार’ खत्म किया जा रहा है।
इसके विरोध में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के निर्देश पर यह 45 दिवसीय अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता गांवों में चौपालों पर चर्चा करेंगे। अभियान की शुरुआत 10 जनवरी को सभी जिलों में पत्रकार सम्मेलन से होगी, 11 तारीख को उपवास रखा जाएगा और 12 तारीख से गांव-गांव जाकर लोगों को ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम’ (मनरेगा) के मुद्दे पर जागरुक किया जाएगा। अंतिम चरण में बड़ी जनसभाएं आयोजित की जाएंगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ”मनरेगा योजना को समाप्त कर भाजपा की केंद्र सरकार ने देश के गरीब मजदूरों की आजीविका पर प्रहार किया है। कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत डॉ. मनमोहन सिंह ने देश के गरीब मजदूरों को सिर उठाकर स्वाभिमान से जीने का अधिकार दिया था, लेकिन भाजपा सरकार ने इस योजना को समाप्त कर देश में गरीबों से काम का अधिकार छीना।”
उन्होंने कहा,” कांग्रेस सरकार ने मनरेगा कानून लागू कर गारंटी दी थी कि मांगते ही ग्रामीण क्षेत्र में काम मिलेगा और यदि काम नहीं है तो मानदेय मिलेगा। इससे भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली थी और देश में मजदूरों के पलायन की रोकथाम करने में सहायता मिली थी।”
डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा की केंद्र सरकार ने उद्योगपतियों के दबाव में इस योजना को खत्म करने का कार्य किया है जो कि भारत के गरीब मजदूरों के हितों पर कुठाराघात है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा देश के गरीब व मजदूरों के अधिकार और हितों की लड़ाई लड़ती आयी है।
इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि मनरेगा ने ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन रोकने, मजदूरों को शोषण से बचाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। जूली ने आरोप लगाया कि सरकार का असली मकसद इस योजना को कमजोर करना है।
भाषा
बाकोलिया रवि कांत