टीएमसी सांसदों ने आई-पैक छापेमारी पर गृह मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन किया, हिरासत में लिए गए

टीएमसी सांसदों ने आई-पैक छापेमारी पर गृह मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन किया, हिरासत में लिए गए

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  • Publish Date - January 9, 2026 / 04:13 PM IST,
    Updated On - January 9, 2026 / 04:13 PM IST

( तस्वीरों सहित )

नयी दिल्ली, नौ जनवरी (भाषा) केंद्र सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए यहां गृह मंत्रालय कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कई सांसदों को शुक्रवार को हिरासत में ले लिया गया।

टीएमसी नेताओं ने दावा किया कि उन्हें जबरन मौके से हटा दिया और घसीटकर ले जाया गया।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पैक के कार्यालय और इसके प्रमुख के आवास पर छापेमारी किए जाने के एक दिन बाद टीएमसी नेताओं ने यह प्रदर्शन किया।

इस संबंध में एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन और महुआ मोइत्रा के साथ पार्टी के अन्य नेताओं को हिरासत में लेकर संसद मार्ग थाने ले जाया गया।

पुलिस ने कहा कि निषेधाज्ञा और सुरक्षा चिंताओं के चलते गृह मंत्रालय कार्यालय के बाहर प्रदर्शन की अनुमति नहीं है, इसलिए प्रदर्शन कर रहे नेताओं को हिरासत में लिया गया।

तख्तियां लिए और ईडी के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए टीएमसी के आठ सांसदों ने कर्तव्य भवन में प्रवेश करने की कोशिश की, जहां गृह मंत्रालय का कार्यालय है।

सांसदों को भवन में प्रवेश करने से रोक दिया गया, जिसके बाद उन्होंने गेट पर प्रदर्शन किया। बाद में, दिल्ली पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया।

प्रदर्शन में हिस्सा लेने वालों में पार्टी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा, बापी हलदर, साकेत गोखले, प्रतिमा मंडल, कीर्ति आजाद और शर्मिला सरकार शामिल थे।

टीएमसी नेताओं ने दिल्ली पुलिस द्वारा सांसदों को प्रदर्शन वाले स्थल से ‘‘जबरन’’ हटाए जाने की तस्वीरें साझा कीं और केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की।

पार्टी ने कहा, ‘‘अमित शाह, यह किस तरह का अहंकार है? क्या अब आप लोकतंत्र को कुचलने के लिए चुने हुए प्रतिनिधियों पर हमला करने के लिए दिल्ली पुलिस का इस्तेमाल कर रहे हैं? क्या आपके भारत में असहमति को इसी तरह दबाया जाता है?’’

टीएमसी ने कहा, ‘‘माना कि आप घबराए हुए हैं! पहले, ईडी का बेशर्मी से दुरुपयोग। अब, हमारे आठ सांसदों के शांतिपूर्ण धरने पर हमला। यह हताशा आपके डर को उजागर करती है। आप लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन बंगाल डरने वाला नहीं है। आप पर और आपकी पुलिस पर शर्म आती है!’’

मोइत्रा ने संसद मार्ग थाने में पत्रकारों के साथ बातचीत में आरोप लगाया कि सरकार टीएमसी के राजनीतिक सलाहकार पर छापा डलवाकर पार्टी की चुनाव रणनीति को ‘‘चुराने’’ के लिए ईडी का इस्तेमाल कर रही है।

मोइत्रा ने कहा, “लोकतंत्र में पहले कभी ऐसा नहीं हुआ कि सरकार ने हमारे राजनीतिक सलाहकार से सूचना और चुनाव रणनीति चुराने के लिए ईडी को अपना एजेंट बनाया हो। वे दावा कर रहे हैं कि सात-दस साल पुराना घोटाला है। इतने दिनों में आप इसकी जांच नहीं कर पाए, अब चुनाव नजदीक आने पर आपको इसकी याद आई है। बंगाल के लोग भाजपा को सबक सिखाएंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, आपने देखा होगा कि हमें कैसे घसीटकर लाया गया। लेकिन हम दृढ़ हैं। यह हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है, वे हमें यहाँ घसीटकर लाए हैं।’’

आजाद ने भी दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘हम ईडी की असंवैधानिक छापेमारी के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। अमित शाह हमारी चुनाव रणनीति और उम्मीदवारों के नाम चुराना चाहते थे।’’

आजाद ने कहा, ‘‘हम जानना चाहते हैं कि ईडी सिर्फ विपक्ष पर ही हमला क्यों करती है?’’ उन्होंने कहा कि सत्ताधारी नेताओं ने नारायण राणे, अजित पवार और हिमंत विश्व शर्मा को भ्रष्ट करार दिया, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

गोखले ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘एसआईआर की विफलता के बाद, भाजपा ने अपने पुराने हथकंडे का सहारा लिया है, जिसमें वह केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग करती है।’’

उन्होंने पुलिस द्वारा सांसदों को हटाए जाने का वीडियो साझा करते हुए कहा, ‘‘आज हम टीएमसी के आठ सांसद दिल्ली में अमित शाह के कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे। हमें घसीटा गया, हमला किया गया और जबरन गिरफ्तार किया गया। इससे पता चलता है कि अमित शाह कितने डरे हुए हैं… सांसदों को बाल पकड़कर जमीन पर घसीटा जा रहा है।’’

तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘लोकतंत्र को दंडित किया जा रहा है। अपराधियों को पुरस्कृत किया जा रहा है। एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। चुनावों में धांधली की जा रही है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘प्रदर्शनकारियों को जेल में डालो। बलात्कारियों को जमानत पर रिहा करो। यही भाजपा का नए भारत का नारा है। भले ही बाकी देश को आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर होना पड़े, बंगाल डटकर मुकाबला करेगा। हम डटकर लड़ेंगे और आपको हराएंगे, चाहे आप कितनी भी ताकत का इस्तेमाल करें।’’

पुलिस ने कहा कि सांसदों को जल्द ही रिहा कर दिया जाएगा।

टीएमसी सांसदों ने सुबह करीब 8.40 बजे अपना प्रदर्शन शुरू किया और उन्हें सुबह करीब 10 बजे हिरासत में ले लिया गया।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को ईडी पर आई-पैक प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और कोलकाता स्थित तृणमूल कांग्रेस के कार्यालय में तलाशी के दौरान संगठन के आंतरिक डाटा और चुनाव रणनीति संबंधी दस्तावेजों को जब्त करने के प्रयास का आरोप लगाया था।

बनर्जी ने इन छापों को ‘‘बदले की राजनीति’’ करार दिया था और विपक्षी दलों को डराने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया था।

टीएमसी नेताओं के अनुसार, आई-पैक पार्टी को राजनीतिक परामर्श सेवाएं प्रदान करती है और उसके आईटी एवं मीडिया संचालन का प्रबंधन करती है। उसे संवेदनशील आंतरिक दस्तावेजों तक पहुंच प्राप्त करने के प्रयास में निशाना बनाया जा रहा है।

पार्टी ने पश्चिम बंगाल और राष्ट्रीय स्तर पर ईडी की कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन की घोषणा की है।

भाषा नेत्रपाल मनीषा

मनीषा