राजस्थान: गैस किल्लत के नाम पर मंडरा रहा साइबर ठगों का साया, पुलिस ने जारी किया परामर्श

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राजस्थान: गैस किल्लत के नाम पर मंडरा रहा साइबर ठगों का साया, पुलिस ने जारी किया परामर्श

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  • Publish Date - March 19, 2026 / 08:36 PM IST,
    Updated On - March 19, 2026 / 08:36 PM IST

जयपुर, 19 मार्च (भाषा) राजस्थान में एलपीजी गैस सिलेंडर की मांग और कथित किल्लत का फायदा उठाकर साइबर जालसाजी की आशंका के बीच पुलिस की अपराध शाखा ने परामर्श जारी कर लोगों से सतर्क रहने की अपील की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

पुलिस उपमहानिरीक्षक शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि अपराधी मनोवैज्ञानिक दबाव और तकनीकी हथकंडों के जरिए लोगों को जाल में फंसा रहे हैं।

पुलिस ने ठगी के पांच प्रमुख तरीकों की पहचान की, जिनमें सब्सिडी के नाम पर फर्जी एलपीजी बुकिंग वेबसाइट बनाकर बैंक विवरण चोरी करना, केवाईसी अद्यतन नहीं होने पर कनेक्शन बंद करने का डर दिखाकर ओटीपी और यूपीआई पिन हासिल करना, फर्जी एसएमएस व व्हाट्सऐप लिंक के जरिए जालसाजी, एनीडेस्क व टीमव्यूअर जैसे ऐप डाउनलोड करवाकर मोबाइल पर नियंत्रण करना और क्यूआर कोड स्कैन कराकर भुगतान के नाम पर ठगी करना शामिल है।

साइबर अपराध शाखा ने ठगी से बचने के लिए सुरक्षा के पांच चक्र भी बताए, जिनमें केवल आधिकारिक मंच का उपयोग करना, जल्दबाजी में निर्णय न लेना, बैंकिंग जानकारी गोपनीय रखना, अनजान ऐप डाउनलोड करने से बचना और भुगतान से पहले प्राप्तकर्ता का नाम जांचना शामिल है।

पुलिस उपमहानिरीक्षक ने बताया कि कोई भी गैस कंपनी फोन पर ओटीपी या पिन नहीं मांगती और ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन, साइबर पोर्टल या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।

भाषा बाकोलिया जितेंद्र

जितेंद्र