राजस्थान: राज्यपाल बागडे ने टीबी, नशे की रोकथाम और शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा की

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राजस्थान: राज्यपाल बागडे ने टीबी, नशे की रोकथाम और शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा की

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  • Publish Date - August 25, 2026 / 05:01 PM IST,
    Updated On - August 25, 2026 / 05:01 PM IST

जयपुर, 25 अगस्त (भाषा) राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने मंगलवार को दौसा में अधिकारियों की बैठक में जिले में क्षय रोग (टीबी) की स्थिति, मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए की जा रही कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को टीबी मरीजों को समय पर पूरा उपचार उपलब्ध कराने, ‘नशा मुक्त दौसा’ के लिए मादक पदार्थों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राज्यपाल ने जिले में टीबी मरीजों की संख्या, उनकी औसत आयु और उपचार की स्थिति सहित विभिन्न बिंदुओं पर अधिकारियों से जानकारी ली।

उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त जिले का लक्ष्य रखते हुए प्रत्येक मरीज को समय पर समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए।

बागडे ने गंभीर मरीजों को आवश्यकता के अनुसार अस्पताल में भर्ती कर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

राज्यपाल ने ‘नशा मुक्त दौसा’ बनाने पर जोर देते हुए कहा कि नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने के साथ ही युवाओं में नशे के प्रति नकारात्मक भावना विकसित की जानी चाहिए।

उन्होंने मादक पदार्थों के स्रोतों की पहचान कर उन्हें बंद कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने और पुलिस को मादक पदार्थों के स्रोत तक पहुंचने के निर्देश दिए। बयान के अनुसार, राज्यपाल ने जिले में शिक्षा की स्थिति की भी समीक्षा की।

इस दौरान विद्यार्थियों की संख्या, शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात, शिक्षकों की उपलब्धता और विषयवार शिक्षकों की स्थिति सहित विभिन्न मानकों पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाने और उसे आगे बढ़ाने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है।

बागडे ने कहा कि जितने अधिक नागरिक शिक्षित होंगे, उतना ही देश मजबूत होगा।

राज्यपाल ने शिक्षकों से ‘मैं शिक्षक हूं’ की भावना को हमेशा मन में रखते हुए विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का आह्वान किया।

उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, पढ़ाई बीच में न छोड़े और स्कूल छोड़ने की स्थिति उत्पन्न न हो।

भाषा पृथ्वी जितेंद्र

जितेंद्र