राजस्थान : राजनीतिक दलों के पदाधिकारी भी बन सकेंगे सीएलजी के सदस्य

राजस्थान : राजनीतिक दलों के पदाधिकारी भी बन सकेंगे सीएलजी के सदस्य

राजस्थान : राजनीतिक दलों के पदाधिकारी भी बन सकेंगे सीएलजी के सदस्य
Modified Date: July 24, 2026 / 03:51 pm IST
Published Date: July 24, 2026 3:51 pm IST

जयपुर, 24 जुलाई (भाषा) राजस्थान की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने पुलिस नियमों में संशोधन कर राजनीतिक दलों और उनसे संबद्ध संगठनों के सदस्यों को सामुदायिक संपर्क समूह (सीएलजी) का सदस्य बनने की अनुमति दे दी है।

सीएलजी पुलिस को खुफिया जानकारी जुटाने, अपराध की रोकथाम और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करता है।

इस संशोधन के तहत उस प्रावधान को हटा दिया गया है, जिसके तहत राजनीतिक दलों या उनसे संबद्ध संगठनों के सदस्य सीएलजी में शामिल होने के पात्र नहीं थे।

राजस्थान पुलिस नियम, 2008 के नियम के उपनियम (5) के खंड (सी) को हटाने संबंधी राजपत्र अधिसूचना 20 जुलाई को जारी की गई।

अधिसूचना के अनुसार, राजनीतिक दल या उससे संबद्ध संगठन के सदस्य को सीएलजी की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहराने वाले प्रावधान को हटा दिया गया है। हालांकि, नियमों में निर्धारित अन्य पात्रता शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

मौजूदा प्रावधानों के अनुसार, किसी न्यायालय से दोषसिद्ध व्यक्ति, आपराधिक मामले का सामना कर रहा व्यक्ति, आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त होने का संदेह रखने वाला अथवा अपराधियों से संबंध रखने वाला व्यक्ति, या संपत्ति, भूमि अथवा अन्य दीवानी विवादों में शामिल व्यक्ति सीएलजी का सदस्य बनने के लिए अब भी अयोग्य रहेगा।

सामुदायिक संपर्क समूह पुलिस और आम जनता के बीच सेतु का कार्य करते हैं। ये समूह स्थानीय स्तर पर खुफिया जानकारी जुटाने, आपराधिक गतिविधियों की पहचान करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने में पुलिस की सहायता करते हैं।

नियमों के अनुसार, केवल संबंधित पुलिस थाना क्षेत्र या ग्राम पंचायत क्षेत्र के स्थानीय निवासी ही सीएलजी के सदस्य नियुक्त किए जा सकते हैं।

नियमों में यह भी प्रावधान है कि सीएलजी का सदस्य ‘‘सम्मानित नागरिक’’ तथा अच्छे नैतिक चरित्र वाला होना चाहिए।

भाषा

पृथ्वी रवि कांत रवि कांत


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