जयपुर, चार फरवरी (भाषा) राजस्थान के शिक्षा विभाग ने राम कथा आयोजन के संबंध में पांच शिक्षकों की ड्यूटी लगाने का आदेश, विवाद उत्पन्न होने के बाद कुछ ही घंटों के भीतर वापस ले लिया।
बूंदी जिले के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, नैनवां ने दो फरवरी को आदेश जारी किया था जिसमें नैनवां खंड के सरकारी स्कूलों के पांच शिक्षकों को बांसी स्थित श्री अम्बिका माता मंदिर में नवदिवसीय महायज्ञ, धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम और राम कथा आयोजन की व्यवस्था में तैनात करने को कहा गया था।
आदेश के अनुसार, इन शिक्षकों को दो फरवरी से सात फरवरी तक इस कार्य में लगाया जाना था।
हालांकि, इस आदेश पर विवाद खड़ा होने के बाद इसे उसी दिन तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया गया। इससे संबंधित शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति रद्द कर दी गई और उन्हें उनके मूल पदों पर लौटने का निर्देश दिया गया।
नैनवां (बूंदी) के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि जब यह महसूस हुआ कि आदेश उचित नहीं है, तो इसे वापस ले लिया गया।
उन्होंने बुधवार को कहा, ‘‘यह माना गया कि आदेश गलत है, इसलिए इसे उसी दिन वापस ले लिया गया।’’
इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक विवाद भी पैदा हो गया।
कांग्रेस नेता गोविंद सिंह डोटासरा ने मंगलवार को विधानसभा में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर निशाना साधते हुए कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों के लिए शिक्षकों को लगाना ‘‘अनुचित’’ है और यह शिक्षा प्रणाली का ‘‘दुरुपयोग’’ है।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं के अनुसार शिक्षकों को शैक्षणिक कार्यों में लगाया जाना चाहिए और गैर-शैक्षणिक गतिविधियों के लिए उनका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
भाषा पृथ्वी खारी
खारी