राजस्थान: नाहरगढ़ जैविक उद्यान में बाघ के हमले के बाद तीन अधिकारियों को प्रतीक्षा सूची में डाला गया

राजस्थान: नाहरगढ़ जैविक उद्यान में बाघ के हमले के बाद तीन अधिकारियों को प्रतीक्षा सूची में डाला गया

राजस्थान: नाहरगढ़ जैविक उद्यान में बाघ के हमले के बाद तीन अधिकारियों को प्रतीक्षा सूची में डाला गया
Modified Date: September 3, 2026 / 04:06 pm IST
Published Date: September 3, 2026 4:06 pm IST

जयपुर, तीन सितंबर (भाषा) राजस्थान के जयपुर स्थित नाहरगढ़ जैविक उद्यान में बाघ के हमले में महिला मजदूर की मौत के मामले में वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए क्षेत्रीय वन अधिकारी (रेंजर) समेत तीन कर्मियों को पदस्थापन आदेश की प्रतीक्षा (एपीओ) सूची में डाल दिया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

वन विभाग के अनुसार, जिन अधिकारियों के खिलाइ कार्रवाई की गयी है, उनमें क्षेत्रीय वन अधिकारी (रेंजर) गौरव कुमार, सहायक वनपाल एवं नाका प्रभारी प्रदीप कुमार और सहायक वनपाल एवं बाड़ा प्रभारी सोनू मीणा शामिल हैं।

इससे पहले, बुधवार को हुई घटना के बाद वनरक्षक हंसा चौधरी को निलंबित कर दिया गया था।

वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरिजीत बनर्जी ने इन कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी किए थे।

आदेश के अनुसार, नाहरगढ़ जैविक उद्यान में कामकाज और सुरक्षा व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए संबंधित पदों का अतिरिक्त कार्यभार अन्य अधिकारियों को सौंपा गया है।

आदेश के तहत गश्ती दल के प्रभारी क्षेत्रीय वन अधिकारी (द्वितीय) जोगेंद्र सिंह शेखावत, नाका प्रभारी वनपाल सीताराम चौधरी और बाड़ा प्रभारी सहायक वनपाल राजाराम मीणा को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है।

अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को नाहरगढ़ जैविक उद्यान के बाड़ा संख्या 16 में काम करने के दौरान बाघ ‘शिवाजी’ के हमले में महिला मजदूर सुगना देवी की मौत हो गई थी।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बाड़ा संख्या 16 में कुछ महिलाएं घास काटने का काम कर रही थीं और इसी दौरान वनरक्षक हंसा चौधरी ने बाघ के पिंजरे का गेट खोल दिया, जिसके बाद बाघ बाड़े में आ गया और उसने सुगना पर हमला कर दिया। घटना के बाद उद्यान की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठे हैं।

वन विभाग ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है और प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई की है।

भाषा बाकोलिया जितेंद्र

जितेंद्र


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