भुवनेश्वर, 12 मार्च (भाषा) ओडिशा में विपक्षी दलों –बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस ने अपने विधायकों को व्हिप जारी कर राज्यसभा चुनाव के सिलसिले में भुवनेश्वर में रहने तथा 16 मार्च को मतदान के समय विधानसभा में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। इस चुनाव में ओडिशा से राज्यसभा की चार सीट के लिए पांच प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।
दोनों पार्टियों ने ‘क्रॉस-वोटिंग’ की आशंका के बीच अपने विधायकों से 13 से 16 मार्च तक राज्य की राजधानी भुवनेश्वर में उपस्थित रहने को कहा है।
भाजपा के दो आधिकारिक उम्मीदवार प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल और राज्यसभा के मौजूदा सदस्य सुजीत कुमार हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप राय भी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं और उन्हें भाजपा का समर्थन प्राप्त है।
बीजद के उम्मीदवार पार्टी नेता संतृप्त मिश्रा और प्रख्यात मूत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. दत्तेश्वर होता हैं। डॉ. होता को कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का समर्थन प्राप्त है।
सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी बीजद दोनों के पास चौथी सीट जीतने के लिए आवश्यक संख्या बल नहीं होने के कारण क्रॉस-वोटिंग की आशंका है।
ओडिशा विधानसभा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा,‘‘पार्टियां (राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी लाइन पर) मतदान के लिए व्हिप जारी नहीं कर सकतीं। लेकिन व्हिप रहने पर कोई प्रतिबंध नहीं है।’’
बीजद सुप्रीमो नवीन पटनायक और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने सत्तारूढ़ भाजपा पर इस द्विवार्षिक चुनाव के लिए विधायकों की खरीद-फरोख्त करने का आरोप लगाया है।
बीजद की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक द्वारा बुधवार देर रात जारी एक नोट में कहा गया, ‘‘बीजू जनता दल के सभी विधायकों को सूचित किया जाता है कि राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान सोमवार यानी 16 मार्च को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक ओडिशा विधानसभा परिसर में होगा। विधायकों को निर्देश दिया जाता है कि वे मुख्यालय न छोड़ें और 13 मार्च से 16 मार्च तक भुवनेश्वर में हर हाल में मौजूद रहें। इसे तीन-पंक्ति व्हिप माना जाए और इसका कड़ाई से अनुपालन किए जाने का अनुरोध किया जाता है।’’
बीजद के व्हिप के एक दिन बाद, कांग्रेस सचेतक सीएस राजेन एक्का द्वारा जारी किये गये नोटिस (व्हिप) में लिखा है, “कांग्रेस विधानसभा के सभी विधायकों को निर्देश दिया जाता है कि वे मुख्यालय न छोड़ें और 13 से 16 मार्च तक हर हाल भुवनेश्वर में उपस्थित रहें।”
बीजद विधायक और पूर्व मंत्री अरुण कुमार साहू ने कहा कि जो विधायक राजधानी से बाहर हैं या जिनके पहले से ही कार्यक्रम तय हैं, उन्हें सूचित किया जा रहा है कि चुनाव के मद्देनजर शहर में उनकी उपस्थिति अनिवार्य है।
ओडिशा की 147 सदस्यीय विधानसभा में बीजद के पास 50 विधायक हैं, जिनमें से दो वर्तमान में निलंबित हैं। कांग्रेस के पास केवल 14 विधायक हैं।
भाजपा और बीजद के क्रमशः दो और एक सीट पर आसानी से जीत हासिल करने की उम्मीद है। चौथी सीट पर राय और होता के बीच कड़ी टक्कर होने की संभावना है।
भाजपा के पास 79 विधायक हैं और उसे तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है। इस तरह उसके पास कुल 82 विधायक हैं, जो तीन सांसद चुनने के लिए आवश्यक संख्या से आठ कम हैं।
पिछले महीने दो विधायकों के निलंबन के बाद, बीजद के पास 48 विधायक हैं। एक सांसद के चुने जाने के बाद, उसे 18 प्रथम वरीयता वोट मिलेंगे, लेकिन दूसरी सीट जीतने के लिए उसे 12 और वोटों की आवश्यकता होगी। कांग्रेस के पास 14 विधायक हैं और माकपा के पास एक विधायक है।
भाषा
राजकुमार नरेश
नरेश