भुवनेश्वर, 16 मार्च (भाषा) ‘ओडिशा की चार राज्यसभा सीट के लिए सोमवार को हो रहे मतदान को एक भाजपा विधायक को दूसरा मतपत्र जारी किए जाने पर हुए विवाद के कारण लगभग आधे घंटे के लिए रोक दिया गया।
विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) के एजेंट ने भाजपा विधायक उपासना मोहपात्रा को दूसरा मतपत्र जारी किए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने पहले अपने नाम से जारी किए गए मतपत्र पर ‘ओवरराइटिंग’ हो जाने के कारण दूसरा मतपत्र मांगा। बाद में, मोहपात्रा को अपना वोट डालने की अनुमति दे दी गई।
हालांकि, बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक ने भाजपा विधायक को दूसरा मतपत्र जारी किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई।
पटनायक ने पत्रकारों से कहा, ‘‘ब्रह्मगिरि की महिला विधायक ने मताधिकार का उपयोग करते समय स्पष्ट गलती की। हालांकि, मतदान कक्ष में मौजूद प्रभारी अधिकारियों ने अवैध रूप से उनके वोट को स्वीकार कर लिया और दूसरा मतपत्र जारी कर दिया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह लोकतांत्रिक मानदंडों के बिल्कुल खिलाफ है और चुनाव नियमों का उल्लंघन है। हम इसका कड़ा विरोध करते हैं। हमारे कुछ सदस्यों ने यह मुद्दा उठाया है, लेकिन वे हमारी बात नहीं सुन रहे हैं और इस तरह लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया को नष्ट कर रहे हैं।’’
सत्तारूढ़ भाजपा के विधायक सरोज पाढ़ी ने कहा, ‘‘मतदाता को दूसरा मतपत्र जारी करने में कोई हर्ज नहीं है, अगर मतदाता ने पहला मतपत्र बूथ पर मौजूद पार्टी प्रतिनिधि को नहीं दिखाया है, तो उसे दूसरा मतपत्र दिया जा सकता है। पटनायक को राज्यसभा चुनाव के नियमों की जानकारी नहीं है।’’
राज्यसभा की चार सीट के लिए मतदान सुबह नौ बजे शुरू हुआ। ओडिशा के स्वास्थ्य एवं संसदीय कार्य मंत्री मुकेश महालिंग ने सबसे पहले अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, उसके बाद राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने मतदान किया, जो दिल्ली में इलाज के बाद ओडिशा लौटे हैं।
भाजपा ने दो उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा है, जिनमें राज्य इकाई के अध्यक्ष मनमोहन सामल और राज्यसभा के मौजूदा सदस्य सुजीत कुमार शामिल हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप राय भी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।
बीजद के उम्मीदवार पार्टी नेता संतृप्त मिश्रा और प्रख्यात चिकित्सक डॉ. दत्तेश्वर होता हैं, जिन्हें कांग्रेस और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का समर्थन प्राप्त है।
राज्य में 12 साल के अंतराल के बाद राज्यसभा का चुनाव हो रहा है। इस बार दो अप्रैल को रिक्त होने वाली चार सीट के लिए पांच उम्मीदवार मैदान में हैं।
ओडिशा की 147 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के पास 79 विधायक हैं और उसे तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है जबकि 15 जनवरी को दो विधायकों को निलंबित किये जाने के बाद बीजद के पास 48 विधायक हैं।
कांग्रेस के 14 विधायक और माकपा का एक विधायक है।
भाषा यासिर दिलीप
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