नई दिल्ली। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण में देरी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अयोध्या से दूरी से नाराज संतों और धर्माचार्यों ने आज लखनऊ में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान राम मंदिर निर्माण से लेकर घाघरा का नाम बदलकर सरयू करने जैसी मांग की गई। हालांकि मुख्य मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के खिलाफ साधु-संतों की लामबंदी ही रही।
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लेकिन योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद बाहर निकलते ही साधु-संतों के सुर बदल गए और वे मीडिया के सामने सिर्फ अयोध्या के विकास को लेकर बात होने की बात कहने लगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ हुई मुलाकात के दौरान रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास, बड़ाभक्त महल के महंत अवधेश दास, राम बल्लभा कुंज के अधिकारी राजकुमार दास, महंत डॉ. भरत दास समेत अन्य मौजूद थे।
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आपको बता दें कि काशी में मोदी के बार-बार आने, लेकिन अयोध्या से दूरी बनाए रखने पर संत सवाल उठा रहे हैं। संतों का कहना है कि केंद्र और प्रदेश दोनों जगह बीजेपी सरकार है, बावजूद इसके राममंदिर निर्माण में देरी हो रही है, जबकि मंदिर निर्माण पार्टी के एजेंडे में है, वहीं राम मंदिर निर्माण में देरी पर संतों के तल्ख रुख से बीजेपी परेशान नजर आ रही है। कुछ दिनों पहले दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि लोकसभा चुनाव से पहले राममंदिर नहीं बना तो बीजेपी की हार तय है।
वेब डेस्क, IBC24