चढ़ावा चोरी के ‘प्रायश्चित’ के लिए राम मंदिर ट्रस्ट ने शुरू किया शुद्धिकरण अनुष्ठान

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चढ़ावा चोरी के 'प्रायश्चित' के लिए राम मंदिर ट्रस्ट ने शुरू किया शुद्धिकरण अनुष्ठान

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  • Publish Date - July 17, 2026 / 04:18 PM IST,
    Updated On - July 17, 2026 / 04:18 PM IST

(अरुणव सिन्हा)

अयोध्या, 17 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश के अयोध्या में धार्मिक अनुष्ठानों की परंपरा नयी नहीं है, लेकिन श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा शुरू किया गया 10 दिवसीय शुद्धिकरण अनुष्ठान इसलिए विशेष माना जा रहा है क्योंकि इसका उद्देश्य हाल में सामने आए कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण के लिए ‘प्रायश्चित’ करना और भगवान से ‘क्षमा याचना’ करना है।

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि की परिकल्पना पर आधारित यह विशेष अनुष्ठान बुधवार से शुरू हुआ। इसके तहत अयोध्या के विभिन्न गुरुकुलों द्वारा विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ किया जा रहा है।

विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र के पाठ में भगवान विष्णु के एक हजार नामों का उच्चारण किया जाता है। हिंदू मान्यता के अनुसार, इस अनुष्ठान से सकारात्मकता, समृद्धि और शुभ फल की प्राप्ति होती है।

गोविंद देव गिरि ने शुक्रवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में चढ़ावे की चोरी की घटना के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर की पवित्रता और गरिमा को बनाए रखने के उद्देश्य से मंदिर परिसर तथा विभिन्न गुरुकुलों में प्रायश्चित और शुद्धिकरण के लिए विशेष 10 दिवसीय अनुष्ठान शुरू किया है।’’

उन्होंने कहा कि प्रतिदिन विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का कम से कम 251 बार पाठ सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है।

ट्रस्ट के सदस्य दिनेंद्र दास ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा कि रामलला के स्थान पर हुई ‘‘त्रुटियों के परिमार्जन’’ के उद्देश्य से विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ कराया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि विष्णु सहस्रनाम के पाठ के साथ-साथ वाल्मीकि रामायण का पाठ भी किया जा रहा है।

गौरतलब है कि पांच जुलाई को गोविंद देव गिरि ने कहा था कि मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी की घटना से भगवान राम के श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं।

गिरि ने कहा था, ‘‘हम सभी इस (चढ़ावा चोरी) की घटना से अत्यंत आहत, दुखी और शर्मिंदा हैं।’’

उन्होंने यह भी कहा था कि भगवान राम की कृपा से ‘‘सत्य’’ सामने आएगा।

चढ़ावा चोरी का विवाद सात जून को सामने आया था और इसके बाद यह एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया।

इस मामले की जांच के लिए 13 जून को विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। एसआईटी की प्रारंभिक जांच के आधार पर राम मंदिर में चढ़ावे की गणना से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया।

विवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और न्यासी अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया।

गोविंद देव गिरि ने कहा कि चोरी की वास्तविक सीमा क्या थी, यह कब और कैसे हुई, इन सभी पहलुओं की जांच जारी है।

उन्होंने पहले कहा था कि सभी लेखा-परीक्षा (ऑडिट) रिपोर्ट सुरक्षित हैं तथा मंदिर में प्रतिदिन आने वाले चढ़ावे के संग्रह की प्रक्रिया में उनकी कोई भूमिका नहीं है। उनके अनुसार, यह कार्य स्थानीय न्यासियों द्वारा किया जाता था।

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने 11 जुलाई को अयोध्या मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी की घटना को ‘कलंक’ बताया था।

भाषा

अरुणव, जफर रवि कांत पवनेश

पवनेश