राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला : सुभाष श्रीवास्तव और टिन्नू यादव की जमानत पर सुनवाई शुक्रवार को

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला : सुभाष श्रीवास्तव और टिन्नू यादव की जमानत पर सुनवाई शुक्रवार को

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला : सुभाष श्रीवास्तव और टिन्नू यादव की जमानत पर सुनवाई शुक्रवार को
Modified Date: September 24, 2026 / 08:22 pm IST
Published Date: September 24, 2026 8:22 pm IST

अयोध्या, 24 सितंबर (भाषा) राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में आरोपी सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव की जमानत अर्जियों पर बृहस्पतिवार को होने वाली सुनवाई शुक्रवार तक के लिए टाल दी गई।

बचाव पक्ष ने करीब 70 हजार पन्नों के आरोपपत्र का अध्ययन करने के लिए अदालत से समय मांगा था।

श्रीवास्तव और यादव के अधिवक्ता कुल शेखर सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा आरोपपत्र दाखिल किए जाने के बाद उसमें दर्ज तथ्यों का अध्ययन करना जरूरी है।

अधिवक्ता सिंह ने कहा कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों में भी बदलाव किया है और दो धाराएं हटा दी हैं। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपी शुक्रवार को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश होंगे।

उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर गठित एसआईटी ने करीब 70 हजार पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया है, जिसमें 173 गवाहों का उल्लेख है।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांचकर्ताओं ने चढ़ावे की गिनती के दौरान नकदी की कथित चोरी या रकम के बंटवारे से जुड़े 105 मामलों के वीडियो साक्ष्य भी जुटाए हैं।

अधिकारी के अनुसार, आरोपपत्र और जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों का विवरण अगली सुनवाई में अदालत के समक्ष रखा जाएगा।

यह मामला श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं से प्राप्त नकद चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित हेराफेरी से जुड़ा है।

आरोपपत्र के मुताबिक, गिनी गई रकम को बाद में बैंक तक पहुंचाने की प्रक्रिया में किसी तरह की चोरी या गबन के साक्ष्य नहीं मिले हैं।

सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने जांच में सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान, बैंकिंग एवं वित्तीय रिकॉर्ड तथा फॉरेंसिक ऑडिट का इस्तेमाल किया।

उन्होंने बताया कि दान में मिली 800 से अधिक कीमती वस्तुओं के रिकॉर्ड की जांच में भी कोई विसंगति नहीं मिली।

गत 25 जून को एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, मनीष यादव, लवकुश मिश्रा, रमाशंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया गया था।

सूत्रों के मुताबिक, श्रीवास्तव पर चढ़ावे की गिनती की निगरानी की जिम्मेदारी थी, जबकि टिन्नू यादव को ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का करीबी बताया जाता है।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक जांच के दौरान आरोपियों से कुल 79.85 लाख रुपये बरामद किए गए, हालांकि श्रीवास्तव से कोई रकम बरामद नहीं हुई है।

विशेष अदालत अब तक छह आरोपियों की जमानत अर्जियां खारिज कर चुकी है। गत सोमवार को अविनाश शुक्ला, मनीष कुमार यादव और रमाशंकर मिश्रा जबकि मंगलवार को अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय की जमानत अर्जियां खारिज की गई थीं।

अब श्रीवास्तव और टिन्नू यादव की जमानत अर्जियों पर शुक्रवार को सुनवाई होगी।

भाषा

किशोर, सलीम रवि कांत


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