(सौम्या शुक्ला)
नयी दिल्ली, 11 सितंबर (भाषा) दिल्ली में नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के मामले में पुलिस के 1,500 से अधिक पन्नों के आरोप पत्र में आरोपी कैब चालक की हर गतिविधि का ब्योरा दर्ज किया गया है। आरोप पत्र के अनुसार, आरोपी ने शव छिपाने की कोशिश में अपना ड्राइविंग लाइसेंस भूल से घटनास्थल पर ही छोड़ दिया था।
आरोप पत्र में कहा गया है कि आरोपी ने कई घंटे तक इलाके में गाड़ी घुमाई, दो सवारी रद्द कीं और फिर महरौली में उसी फुटपाथ पर लौटा, जहां 10 वर्षीय बच्ची अपने परिवार के साथ सो रही थी। पुलिस के अनुसार, बच्ची के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म और हत्या के बाद शव छिपाने की जल्दबाजी में आरोपी का ड्राइविंग लाइसेंस वहीं गिर गया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बच्ची का शव जिस जगह फेंककर तीन बड़े पत्थरों के नीचे छिपाने की कोशिश की थी, वहां से मिला ड्राइविंग लाइसेंस मामले में महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया है।
आरोप पत्र के अनुसार, आरोपी बाशु कुमार सिंह (29) बच्ची के अपहरण से करीब एक घंटे पहले महरौली पहुंचा था। उसने शुरु में उस फुटपाथ के पास से गाड़ी निकाली थी, जहां बच्ची अपने माता-पिता और तीन छोटे भाई-बहनों के साथ सो रही थी।
दिल्ली पुलिस करीब एक सप्ताह में अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर सकती है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अप्रैल में अमर कॉलोनी में वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी की बेटी के साथ दुष्कर्म और फिर उसकी हत्या करने मामले के बाद यह दूसरा मामला है, जिसमें पुलिस ने घटनाक्रम को साबित करने के लिए समय के साथ विस्तृत तस्वीरों का इस्तेमाल किया है।
आरोप पत्र में 89 पन्नों का मुख्य विवरण शामिल है। इसमें आरोपी की कार की तस्वीरें, बच्ची के परिवार के साथ फुटपाथ पर सोने की तस्वीरें, आरोपी के आने-जाने के रास्ते का ब्योरा और जंगल वाले इलाके में शव मिलने की जगह की तस्वीरें शामिल हैं।
अधिकारी ने बताया कि इन तस्वीरों में सटीक समय दर्ज है, जिससे जांचकर्ताओं को अपराध से पहले और बाद में आरोपी की गतिविधियों का पता लगाने में मदद मिली।
उन्होंने कहा कि आरोपी के बयान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसके बताए घटनाक्रम का मिलान किया गया, ताकि यह जांचा जा सके कि उसका बयान साक्ष्यों से मेल खाता है या नहीं।
आरोप पत्र में उसकी कार की, स्वचालित नंबर प्लेट पहचान प्रणाली (एएनपीआर) कैमरों से मिली तस्वीरें भी शामिल की गई हैं।
आरोप पत्र के अनुसार, सिंह गुरुग्राम से आने के बाद संगम विहार में एक यात्री को छोड़ चुका था और करीब ढाई घंटे मे उसने दो अन्य सवारियां रद्द कर दी थीं। इस दौरान वह दूसरी सवारी लेने के बजाय उसी इलाके में घूमता रहा, जहां से बाद में उसने बच्ची को उठाया।
जांचकर्ताओं के अनुसार, सिंह अपहरण से करीब एक घंटे पहले घटनास्थल पर पहुंचा और मौके का इंतजार करने के बाद तड़के करीब 4 बजकर 15 मिनट पर बच्ची को कथित तौर पर उठा ले गया।
पुलिस ने बताया कि कार की ओर ले जाते समय बच्ची मदद के लिए चिल्लाई, जिससे उसके पिता की नींद खुल गई। पिता ने कुछ दूर तक वाहन का पीछा किया, लेकिन उसे पकड़ नहीं सके।
आरोप पत्र के अनुसार, बच्ची के साथ कथित तौर पर मंडी गांव के पास वाहन में दुष्कर्म किया गया। इसके बाद सिंह गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड की ओर गया, जहां उसने कथित तौर पर बच्ची की हत्या कर शव को जंगल में छिपा दिया।
आरोप पत्र में मौत का कारण गला घोंटना और मुंह दबाना बताया गया है। पुलिस के अनुसार, सिंह ने गमछे से बच्ची का गला घोंटा था, जिसे बाद में घटनास्थल से बरामद किया गया।
दस्तावेज में कहा गया है कि आरोपी ने बच्ची के चेहरे पर पत्थर से वार किया, जिससे उसके दांत टूट गए।
घटनास्थल की तस्वीरों में शव को तीन बड़े पत्थरों के नीचे छिपा हुआ दिखाया गया है और पास में सिंह का ड्राइविंग लाइसेंस पड़ा था। जांचकर्ताओं का मानना है कि शव छिपाने के प्रयास के दौरान आरोपी से लाइसेंस गलती से गिर गया।
पुलिस ने बताया कि सिंह को अपराध के छह घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया था और उसकी निशानदेही पर घटना के करीब 11 से 12 घंटे बाद बच्ची का शव बरामद किया गया।
अधिकारी के अनुसार, आरोप पत्र में इलेक्ट्रॉनिक, भौतिक, प्रत्यक्षदर्शी और जैविक साक्ष्यों को शामिल किया गया है, जो एक-दूसरे की पुष्टि करते हैं।
वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘यह एक अत्याधुनिक और वैज्ञानिक तरीके से तैयार किया गया आरोप पत्र है, जिसमें सभी साक्ष्यों को शामिल किया गया है ताकि पीड़िता को न्याय दिलाने में कोई कमी न रहे।’’
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 140(1) भी लगाई है, जो हत्या के इरादे से अपहरण या किसी व्यक्ति को गंभीर चोट पहुंचाने या फिरौती के लिए बंधक बनाने से संबंधित है।
पुलिस ने बताया कि बाद में पूरक आरोप पत्र भी दाखिल किया जाएगा।
आरोप पत्र में आरोपी की कार और अपराध से जुड़े स्थानों से जुटाए गए फोरेंसिक साक्ष्य भी शामिल हैं। जांच में पता चला था कि सिंह ने घटना के बाद वाहन साफ करने की कोशिश की थी, लेकिन फोरेंसिक टीम ने उसमें से बाल और अन्य नमूने बरामद किए।
अमर कॉलोनी मामले में वरिष्ठ आईआरएस अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी से दुष्कर्म और उसकी हत्या मामले में दिल्ली पुलिस ने आरोपी पूर्व घरेलू सहायक राहुल मीणा के खिलाफ 973 पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किया था।
भाषा मनीषा वैभव
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