रथयात्रा: भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए गुंडिचा मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
रथयात्रा: भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए गुंडिचा मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
पुरी, 19 जुलाई (भाषा) तीर्थ नगरी पुरी में रविवार को गुंडिचा मंदिर में भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। एक दिन पहले ही प्रथम चरण की रथयात्रा के समापन पर तीनों देव विग्रहों को गुंडिचा मंदिर में विराजमान कराया गया था।
तीनों देवताओं के रथ शुक्रवार दोपहर गुंडिचा मंदिर पहुंचे थे। परंपरा के अनुसार, रथयात्रा के अगले दिन तक भगवान के विग्रह रथों पर ही विराजमान रहे।
इसके बाद ‘आड़प बिजे’ अनुष्ठान के साथ भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा को गुंडिचा मंदिर में ले जाया गया।
तीनों देवता 24 जुलाई को होने वाली बहुदा यात्रा (वापसी रथयात्रा) तक गुंडिचा मंदिर में ही विराजमान रहेंगे। उस दिन रथों से उन्हें लगभग 2.6 किलोमीटर दूर स्थित 12वीं शताब्दी के श्री जगन्नाथ मंदिर वापस ले जाया जाएगा।
तीनों विग्रहों को गुंडिचा मंदिर के ‘आड़प मंडप’ में स्थापित किया गया है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां भगवान के दर्शन करने से मुख्य मंदिर की तुलना में अधिक पुण्य और कृपा प्राप्त होती है तथा इसी विश्वास के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है।
रथयात्रा की समग्र सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे राज्य पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक सौमेंद्र प्रियदर्शी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘व्यापक अवरोधकों की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं को मुख्य द्वार से प्रवेश दिया जा रहा है, जबकि निकास के लिए अलग द्वार निर्धारित किया गया है।’’
उन्होंने कहा कि रविवार होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
प्रियदर्शी ने कहा, ‘‘भीड़ प्रबंधन को लेकर हम विशेष सतर्कता बरत रहे हैं। हमारा मुख्य उद्देश्य सभी श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन कराना है।’’
मंदिर के एक अधिकारी ने बताया कि लगभग 20 दिन के बाद भगवान को फिर से पका हुआ महाप्रसाद अर्पित किया जाएगा।
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने बताया कि रविवार रात नौ बजे से सोमवार सुबह तीन बजे तक गुंडिचा मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बंद रहेगा। इस दौरान भगवान के विग्रहों की विशेष सफाई और श्रृंगार का अनुष्ठान किया जाएगा।
इधर, भगवान के वार्षिक प्रवास के दौरान श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन मंदिर के रत्न भंडार की एक दिवसीय विशेष सूची तैयार करने जा रहा है। यह प्रक्रिया विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के कारण 23 मई से स्थगित थी।
एसजेटीए के मुख्य प्रशासक अरविंद पाधी ने बताया कि इस विशेष सूचीकरण के दौरान स्नान यात्रा के समय भगवान के विग्रहों से उतारे गए सोने तथा अन्य बहुमूल्य आभूषणों का डिजिटल दस्तावेजीकरण किया जाएगा।
भाषा शोभना नेत्रपाल
नेत्रपाल

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