मणिपुर में जनगणना से पहले विस्थापित लोगों का पुनर्वास और सामान्य स्थिति बहाल की जाए: कांग्रेस

मणिपुर में जनगणना से पहले विस्थापित लोगों का पुनर्वास और सामान्य स्थिति बहाल की जाए: कांग्रेस

मणिपुर में जनगणना से पहले विस्थापित लोगों का पुनर्वास और सामान्य स्थिति बहाल की जाए: कांग्रेस
Modified Date: August 19, 2026 / 04:32 pm IST
Published Date: August 19, 2026 4:32 pm IST

इंफाल, 19 अगस्त (भाषा) कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि जनगणना की प्रक्रिया शुरू होने से पहले मणिपुर सरकार को आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के पुनर्वास और हिंसा प्रभावित राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने को प्राथमिकता देनी चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सवाल उठाया कि जब विस्थापित लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं, तो घरों की सूची बनाने का काम कैसे किया जाएगा।

मणिपुर में मई 2023 से मेइती और कुकी-जो समुदायों के बीच जारी जातीय संघर्ष में 260 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।

सिंह ने कहा, ‘‘पहाड़ी और घाटी दोनों क्षेत्रों के अलग-अलग राहत शिविरों में आंतरिक रूप से विस्थापित 60,000 से अधिक लोग रह रहे हैं। इन लोगों में से अधिकांश के घर ध्वस्त हो चुके हैं। ऐसे में इन लोगों के घरों की सूची कैसे तैयार की जाएगी? केंद्र सरकार को भी इस बारे में जानकारी होनी चाहिए। राज्य सरकार को ऐसी समस्याओं से केंद्र को अवगत कराना चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि कई जिलों में एक समुदाय के लोग उन इलाकों में प्रवेश नहीं कर सकते, जहां दूसरे समुदाय के लोगों की संख्या अधिक है।

तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके इबोबी सिंह ने कहा, “मौजूदा परिस्थितियों में सही तरीके से जनगणना और घरों की सूची कैसे तैयार की जाएगी? पहले विस्थापित लोगों को अपने मूल स्थानों पर लौटने दिया जाए और तब तक केंद्र सरकार को जनगणना स्थगित कर देनी चाहिए।”

मणिपुर की स्थिति अन्य राज्यों से अलग होने पर जोर देते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, “सरकार को जनगणना कराने से पहले आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के पुनर्वास और राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने को प्राथमिकता देनी चाहिए। यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाने चाहिए कि विभिन्न समुदायों के लोग जिलों में स्वतंत्र रूप से आ-जा सकें।”

अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर उन्होंने कहा, “ऐसे लोगों की मौजूदगी हो सकती है। लेकिन उनकी मौजूदगी सिर्फ मणिपुर में ही नहीं, बल्कि नगालैंड और मिजोरम में भी है, क्योंकि इन राज्यों से अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है।”

जनगणना 2027 के स्व-गणना चरण की शुरुआत 17 अगस्त से हुई। वहीं, मुख्य आवास सूचीकरण अभियान इस साल एक सितंबर से 30 सितंबर तक चलाया जाएगा।

भाषा तान्या शफीक

शफीक


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