मेघालय के गारो हिल्स में चर्च में प्रार्थनाओं के लिए कर्फ्यू में ढील

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मेघालय के गारो हिल्स में चर्च में प्रार्थनाओं के लिए कर्फ्यू में ढील

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  • Publish Date - March 15, 2026 / 11:49 AM IST,
    Updated On - March 15, 2026 / 11:49 AM IST

शिलांग, 15 मार्च (भाषा) मेघालय के गारो हिल्स में हाल में हुई हिंसा के मद्देनजर लगाये गए कर्फ्यू में रविवार को चर्च में प्रार्थनाओं के कारण 12 घंटे की ढील दी गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

पश्चिम गारो हिल्स के जिलाधिकारी विभोर अग्रवाल ने एक आदेश में कहा कि कर्फ्यू 15 मार्च को सुबह छह बजे से 24 घंटे तक लागू रहेगा जब तक कि इसे पहले ही वापस नहीं ले लिया जाता, लेकिन चर्च में प्रार्थनाओं और अन्य आवश्यक गतिविधियों में भाग लेने वाले लोगों के आवागमन को सुविधाजनक बनाने के लिए सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक 12 घंटे की कर्फ्यू में ढील दी गई है।

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत जारी आदेश में कहा गया है कि जिले के विभिन्न हिस्सों में हिंसा की घटनाओं से मानव जीवन, सार्वजनिक सुरक्षा और संपत्ति को गंभीर खतरा है जिससे निवारक उपायों को जारी रखना आवश्यक हो जाता है।

अधिकारियों ने कहा कि कर्फ्यू के घंटों के दौरान कोई भी व्यक्ति अपने निवास से बाहर नहीं निकलेगा और किसी भी उल्लंघन पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223 और अन्य प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

पूर्वी गारो हिल्स के जिलाधिकारी आर पी मारक ने एक अधिसूचना में कहा कि निवासियों को चर्च की प्रार्थनाओं में हिस्सा लेने की अनुमति देने के लिए 15 मार्च को सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक कर्फ्यू में ढील दी जाएगी।

हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि छूट की अवधि के दौरान विलियमनगर मेन बाजार बंद रहेगा।

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस, एंबुलेंस, बिजली और पानी की आपूर्ति, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं जैसी आवश्यक सेवाओं में लगे कर्मियों तथा ड्यूटी पर तैनात सरकारी अधिकारियों एवं मीडिया कर्मियों को कर्फ्यू प्रतिबंधों से छूट मिलती रहेगी।

गारो पर्वतीय स्वायत्त जिला परिषद (जीएचएडीसी) चुनाव में उम्मीदवारों की पात्रता के मुद्दे पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया था।

प्रदर्शनों के दौरान आगजनी, तोड़फोड़ और झड़पों की घटनाएं हुईं। इस हिंसा में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गये थे जबकि कई दुकानें, प्रतिष्ठान और वाहन क्षतिग्रस्त हो गये थे।

कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने 10 अप्रैल को होने वाले जीएचएडीसी चुनाव को स्थगित करने की घोषणा की थी।

भाषा सुरभि देवेंद्र

देवेंद्र