कोलकाता, 19 जनवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के हिंसा प्रभावित बेलडांगा में केंद्रीय बलों की तैनाती के अनुरोध को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय में सोमवार को एक जनहित याचिका दायर की गई।
पड़ोसी राज्यों में प्रवासी श्रमिकों पर कथित हमलों के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान बेलडांगा में पिछले हफ्ते हिंसा भड़क उठी थी।
याचिकाकर्ता के वकील बिलवादाल भट्टाचार्य ने कहा कि याचिका पर मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष सुनवाई होने की संभावना है।
याचिका में सवाल उठाया गया है कि बेलडांगा में स्थिति पर शुरुआत में ही क्यों नहीं काबू पाया जा सका, जब 16 जनवरी को प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-12 को घंटों अवरुद्ध किया और टायर जलाए।
याचिककर्ता ने बेलडांगा हिंसा की जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से कराए जाने का निर्देश देने का अनुरोध किया है।
उच्च न्यायालय ने अप्रैल 2025 में मुर्शिदाबाद में वक्फ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद जिले में केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया था। इन हिंसा में कम से कम दो लोगों की मौत हुई थी।
बीते शुक्रवार झारखंड में बेलडांगा के एक प्रवासी मजदूर की कथित अप्राकृतिक मौत के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-12 को लगभग छह घंटे तक अवरुद्ध कर दिया।
कुछ प्रदर्शनकारियों ने प्रदर्शन को कवर कर रही एक महिला पत्रकार पर हमला कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी मतिउर रहमान समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया।
शनिवार सुबह प्रदर्शनकारियों ने बिहार में मुर्शिदाबाद के एक प्रवासी मजदूर के साथ कथित बदसलूकी के विरोध में सड़क और रेल मार्ग अवरुद्ध किया था।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि सोशल मीडिया और सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद विभिन्न जगहों से 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
भाषा पारुल दिलीप
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