रोजगार में स्थानीय लोगों के लिए आरक्षण उच्चतम न्यायालय के फैसले के विरूद्ध : गहलोत

रोजगार में स्थानीय लोगों के लिए आरक्षण उच्चतम न्यायालय के फैसले के विरूद्ध : गहलोत

रोजगार में स्थानीय लोगों के लिए आरक्षण उच्चतम न्यायालय के फैसले के विरूद्ध : गहलोत
Modified Date: November 29, 2022 / 08:46 pm IST
Published Date: June 28, 2022 6:57 pm IST

जयपुर, 28 जून (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को कहा कि रोजगार में स्थानीय युवाओं के लिए आरक्षण उच्चतम न्यायालय के फैसले के विरूद्ध है लेकिन यदि अन्य राज्यों में ऐसी स्थिति बनती है तो वह भी विचार कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे कदम संविधान की भावना के विरूद्ध है।

वह राजस्थान युवा बोर्ड (युवा मामले एवं खेल विभाग, राजस्थान सरकार) के अंतर्गत ‘राजीव गांधी यूथ एक्सीलेंस सेंटर’ के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

हालांकि गहलोत ने यह भी कहा कि वह इस संबंध में अन्य राज्यों द्वारा उठाये गये कदमों पर गौर कर रहे हैं और यदि देश में ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है तो वह नौकरियों में स्थानीय लोगों के लिए आरक्षण को लागू करेंगे।

निर्दलीय विधायक बलजीत यादव स्थानीय युवाओं के लिए नौकरियों में आरक्षण की मांग उठा रहे है।

इस साल हरियाणा ने एक कानून अधिसूचित कर निजी क्षेत्र में 75 प्रतिशत नौकरियों स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित की है लेकिन 30,000 रूपये की आय सीमा तथा प्रदेश में न्यूनतम पांच साल रहने की शर्त लगायी है।

मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि सभी को समान अवसर देना सरकार की जिम्मेदारी है और उनकी सरकार इसी सोच के साथ काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उनका ध्यान अगले साल युवाओं द्वारा दिए गए सुझावों के आधार पर युवा केन्द्रित बजट पेश करने पर रहेगा। उन्होंने युवाओं से संवाद करने, चर्चा करने और अन्य राज्यों में युवा केंद्रित योजनाओं के बारे में प्रतिक्रिया लेने और राज्य सरकार को इस उद्देश्य के लिए सुझाव देने के लिये कहा।

उन्होंने कहा , ‘‘ हमारा प्रयास होगा कि आने वाले वक्त में प्रदेश अच्छे प्रतिबद्धता वाले नेतृत्व के हाथों में सुरक्षित रहे.. यह हम सब की भावना होनी चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि जनता के आशीर्वाद से वह तीसरी बार राजस्थान के मुख्यमंत्री बने। उन्होंने कहा कि यह उनका कर्तव्य है कि जब तक वह मुख्यमंत्री है वह गरीबों, वंचितों की सेवा में अपना जीवन समर्पित करे।

गहलोत ने कहा,‘‘मुझे उम्मीद है कि युवा नेतृत्व अनुशासित, प्रतिबद्ध, देश सेवा में जज्बा रखने वाला, संवेदनशील होगा। इस प्रकार की भावना के साथ अगर हम लोग राजनीतिक कार्यकर्ता तैयार करेंगे तो मैं समझता हूं हमारे प्रदेश का भला होगा।

उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व होना चाहिए कि अमीर हो या गरीब हो, सबको आगे बढने का समान अवसर मिले .. सरकार के फैसले ऐसे होने चाहिए कि जिससे कि उसमें भेदभाव नहीं हो।

गहलोत ने सेना में भर्ती की ‘अग्निपथ योजना’ को एक प्रयोग बताते हुए इसे लागू करने के लिये राजग सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि फैसले से पहले संसद में चर्चा होनी चाहिए थी।

भाषा कुंज

राजकुमार माधव

माधव


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