आरजी कर मामला: मशाल रैली निकालकर महिला चिकित्सक को किया गया याद

आरजी कर मामला: मशाल रैली निकालकर महिला चिकित्सक को किया गया याद

आरजी कर मामला: मशाल रैली निकालकर महिला चिकित्सक को किया गया याद
Modified Date: February 9, 2026 / 10:28 pm IST
Published Date: February 9, 2026 10:28 pm IST

कोलकाता, नौ फरवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल के कोलकाता में सोमवार को सैकड़ों लोगों ने यहां पास ही एक मशाल रैली निकाली और आरजी कर अस्पताल की डॉ. अभया को न्याय दिलाने के लिए लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया।

नौ फरवरी को डॉ. अभया का जन्मदिन होता है और अगस्त 2024 में उनकी अस्पताल में दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गयी थी।

नागरिक समाज के सदस्यों, विद्यार्थियों और पेशेवरों के एक मंच ‘अभया के लिए न्याय’ फोरम द्वारा निकाली गयी इस रैली में आरोप लगाया गया कि एक व्यक्ति को छोड़कर, इस बड़ी साजिश में शामिल अन्य लोगों की अब तक पहचान नहीं हो पाई है। फोरम ने राज्य और केंद्र दोनों की जांच एजेंसियों पर शहर के बीचों-बीच एक सरकारी अस्पताल में हुए इस जघन्य अपराध का पर्दाफाश करने में तत्परता न दिखाने का भी आरोप लगाया।

‘अभया फोरम’ की सदस्य सेन्जुति भट्टाचार्य ने कहा, “जब तक इस मामले में शामिल सभी लोगों को सजा नहीं मिल जाती और अभया के माता-पिता को न्याय नहीं मिल जाता, हम सड़कों से नहीं हटेंगे। जब तक अभया को सच्चा न्याय नहीं मिल जाता, राज्य की हजारों महिलाएं असुरक्षित महसूस करेंगी।”

सोमवार को अभया के 33वें जन्मदिन पर उसके माता-पिता ने उसकी तस्वीर के सामने 33 गुलाब रखे।

महिला चिकित्सक के माता-पिता ने कहा, “हमारा रुख स्पष्ट है। नौ अगस्त, 2024 को हमारी इकलौती बेटी पर हुए क्रूर अत्याचार किसी एक व्यक्ति का काम नहीं हा सकता। हम मांग करते हैं कि इस संस्थागत अपराध में शामिल सभी लोगों की पहचान की जाए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।”

डॉ. अभया की मां ने पत्रकारों से कहा, “जब तक उसे न्याय नहीं मिल जाता, हम तब तक तक लड़ते रहेंगे।”

प्रदर्शनकारियों ने सोदपुर ट्रैफिक मोड़ पर दो किलोमीटर तक मोमबत्तियां जलाईं। प्रदर्शनकारियों ने एस्प्लेनेड डोरिना क्रॉसिंग और शहर के श्यामबाजार इलाके में भी इकट्ठा होकर न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया। कोलकाता पुलिस और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) दोनों की जांच के अनुसार, महिला से दुष्कर्म और उसके बाद हत्या संजय रॉय ने की थी और यह सामूहिक दुष्कर्म का मामला नहीं था।

रॉय, फिलहाल सजा के बाद आजीवन कारावास काट रहा है।

भाषा जितेंद्र रंजन

रंजन


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