असम में 2016 से पहले गैंडों का शिकार आम बात थी, मेरे मुख्यमंत्री बनने पर स्थिति बदली:सोनोवाल
असम में 2016 से पहले गैंडों का शिकार आम बात थी, मेरे मुख्यमंत्री बनने पर स्थिति बदली:सोनोवाल
(फाइल फोटो के साथ)
गुवाहाटी, 22 सितंबर (भाषा) केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मंगलवार को कहा कि असम में 2016 से पहले गैंडों का अवैध शिकार एक आम बात थी, लेकिन जब उन्होंने मुख्यमंत्री का पद संभाला, तो राज्य की शान की रक्षा के लिए ‘सख्त और बिना किसी समझौते के’ कार्रवाई शुरू की गई।
सोनोवाल ने कहा कि राजनीतिक इच्छाशक्ति और वन विभाग की अग्रिम पंक्ति की टीम के सहयोग से पिछले 10 वर्षों में कई बार गैंडों के अवैध शिकार की संख्या ‘शून्य’ रही है।
केंद्रीय नौवहन, बंदरगाह एवं जलमार्ग मंत्री सोनोवाला ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, ‘‘विश्व गैंडा दिवस की बधाई। ये प्यारे विशालकाय जानवर भारत की जैव-विविधता की शान हैं। क्या आप जानते हैं कि मेरे गृह राज्य असम में दुनिया के लगभग 80 प्रतिशत एक-सींग वाले गैंडे पाए जाते हैं? आज उनकी संख्या बढ़ रही है, लेकिन हमेशा ऐसा नहीं था।’’
उन्होंने दावा किया कि 2016 से पहले ‘‘दुखद सच्चाई यह थी कि गैंडों का शिकार एक आम बात हो गई थी।’’
सोनोवाल ने कहा, ‘‘जब मैंने मुख्यमंत्री का पद संभाला, तो हमने तय किया कि अब बहुत हो चुका। हमने राज्य की शान की रक्षा के लिए एक जबरदस्त और सख्त कार्रवाई शुरू की। मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और हमारे वन विभाग की अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों की बहादुरी के दम पर हमने हालात में जबरदस्त बदलाव किया।’’
उन्होंने कहा, “पिछले 10 वर्षों में हमने असंभव को संभव कर दिखाया और कई वर्ष गैंडों के शिकार की घटनाओं का आंकड़ा शून्य रहा। इन प्रयासों की बदौलत आज असम में 4,000 से अधिक गैंडे हैं और इस ऐतिहासिक संरक्षण की कहानी के केंद्र में शानदार काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान है।”
केंद्रीय मंत्री ने लोगों ने ‘‘आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी शानदार प्राकृतिक विरासत की रक्षा करने’’ का संकल्प दोहराने का आह्वान किया।’’
आधिकारिक रिकार्ड के अनुसार असम में फिलहाल 3260 गैंडे हैं।
भाषा राजकुमार अमित
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राजकुमार

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