रोहिणी पुलिस ने सीबीआई अधिकार बनकर छापेमारी करने वाले सात लोगों को गिरफ्तार किया

Ads

रोहिणी पुलिस ने सीबीआई अधिकार बनकर छापेमारी करने वाले सात लोगों को गिरफ्तार किया

  •  
  • Publish Date - August 24, 2026 / 03:37 PM IST,
    Updated On - August 24, 2026 / 03:37 PM IST

नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) दिल्ली पुलिस ने सीबीआई अधिकारी बनकर फर्जी छापे मारकर लोगों से पैसे या कीमती सामान ऐंठने के आरोप में राष्ट्रीय राजधानी और मुंबई में सात लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने सोमवार को बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में बार और रेस्तरां की एक पूर्व गायिका, एक पूर्व बैंक कर्मी और होटल चलाने वाली एक महिला शामिल है।

रोहिणी जिले के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) शशांक जायसवाल ने बताया कि आरोपी 11 अगस्त को दिल्ली के प्रशांत विहार स्थित एक घर पर काले कपड़ों में पहुंचे थे और उन्होंने कथित तौर पर फर्जी सीबीआई पहचान पत्र दिखाकर एक कारोबारी और उनकी मां को छापेमारी की धमकी दी। हालांकि, पड़ोसियों के हस्तक्षेप और परिवार द्वारा उनके पहचान पत्रों पर सवाल उठाने के बाद आरोपी वहां से चले गए।

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए सात लोगों की पहचान जम्मू-कश्मीर की रहने वाली आसिफा (29), बार और रेस्तरां में पूर्व गायिका पूजा अग्रवाल, बैंक के पूर्व कर्मचारी कुलदीप शर्मा (63), इलेक्ट्रॉनिक्स सामान की मरम्मत का काम करने वाले चंदर प्रकाश शर्मा (38), और शुभम उर्फ गोलू (25), राजवीर सिंह (21) तथा नितिन शर्मा (30) के रूप में हुई है।

जायसवाल ने बताया कि इस मामले को सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, तकनीकी निगरानी और शिकायतकर्ता के पिता को भेजे गए फर्जी सीबीआई नोटिस के विश्लेषण के जरिए सुलझाया गया।

पुलिस के अनुसार, यह घटना 11 अगस्त को रात 10 बजे हुई जब कारोबारी प्रथम अग्रवाल और उनकी मां प्रशांत विहार स्थित अपने घर पर थे। तभी छह पुरुषों और दो महिलाओं सहित लगभग आठ लोगों का एक समूह उनके आवास पर पहुंचा और खुद का परिचय सीबीआई अधिकारी के तौर पर दिया।

अधिकारी ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर पहचान पत्र दिखाए और कहा कि वे छापेमारी करने आए हैं। जब अग्रवाल और उनकी मां ने उनसे तलाशी वारंट दिखाने को कहा तो इन लोगों ने उन्हें डराया-धमकाया।

डीसीपी ने बताया कि जब पड़ोसियों ने हस्तक्षेप किया तो उन्होंने दावा किया कि अग्रवाल के पिता को एक नोटिस जारी किया गया है और यह कहकर चले गए कि वे इसे अपनी गाड़ी से निकाल कर लाते हैं। इसके बाद परिवार ने पुलिस को घटना की सूचना दी।

जायसवाल ने कहा कि अग्रवाल के पिता के मोबाइल फोन पर सीबीआई का एक फर्जी नोटिस भी भेजा गया था।

पुलिस ने बताया कि 19 अगस्त को प्रशांत विहार थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

पुलिस ने बताया कि आसिफा पहले राजेंद्र प्लेस में एक होटल चलाती थी जो नुकसान होने के बाद बंद हो गया था।

डीसीपी ने कहा, ‘लगभग आठ महीने पहले, वह एक पारिवारिक विवाह समारोह में कुलदीप शर्मा से मिली थी जहां उसने और पूजा ने खुद को सीबीआई से जुड़ा हुआ बताया था। बैंकिंग से जुड़े काम के सिलसिले में कुलदीप शिकायतकर्ता के संपर्क में आया था। उसने आसिफा और पूजा को शिकायतकर्ता, उसके आवास और वहां नकदी या कीमती सामान संभावित रूप से होने की जानकारी दी थी।”

पूजा ने कथित तौर पर फर्जी छापेमारी के लिए लोगों की व्यवस्था करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने बताया कि उसने अपने बहनोई चंदर प्रकाश शर्मा से संपर्क किया और उससे ऐसे लोगों का इंतजाम करने को कहा जो सीबीआई कर्मी बनकर पेश आ सकें।

पुलिस ने बताया कि चंदर अपने साथ शुभम, राजवीर, नितिन और अन्य सहयोगियों को लेकर आया जिनमें दो सिख पुरुष भी शामिल थे जिनकी पहचान की पुष्टि की जा रही है।

पुलिस ने कहा कि चंदर के पास से सीबीआई के ‘लोगो’ वाले कपड़े बरामद किए गए हैं, जबकि मोबाइल फोन में फर्जी पहचान पत्रों की तस्वीरें मिली हैं।

अधिकारी ने बताया कि शुभम, राजवीर और नितिन ने पुलिस को बताया कि फर्जी छापेमारी में शामिल होने के लिए चंदर ने उनसे संपर्क किया था और उन्हें चंदर और आसिफा ने पैसे दिए थे।

पुलिस ने बताया कि आठ मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं जिनमें फर्जी पहचान पत्रों की तस्वीरों के साथ-साथ समूह के सदस्यों की सरकारी अधिकारियों की पोशाक में तस्वीरें और वीडियो मिले हैं।

डीसीपी ने बताया कि जब्त किए गए फोन से बरामद वीडियो से संकेत मिलता है कि समूह के सदस्यों ने न केवल सीबीआई अधिकारियों बल्कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और अन्य सरकारी एजेंसियों के कर्मियों के रूप में भी दिल्ली और मुंबई में कई छापेमारी की होंगी।

भाषा नोमान नोमान नरेश

नरेश