बेंगलुरु, 27 फरवरी (भाषा) कर्नाटक सरकार के मंत्री एच के पाटिल ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने प्रस्तावित रोहित वेमुला विधेयक और झूठी शान के नाम पर हत्या के मामलों को रोकथाम के लिए एक विधेयक सहित महत्वपूर्ण कानूनों पर चर्चा की है तथा उन पर आगे बढ़ने से पहले और सुझाव लेने का निर्णय लिया है।
बृहस्पतिवार को कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कानून और संसदीय मामलों के मंत्री पाटिल ने कहा कि प्रस्तावित कानूनों की विस्तार से जांच की गई और कुछ पहलुओं के लिए गृह विभाग के साथ अतिरिक्त परामर्श की आवश्यकता है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या ‘कर्नाटक रोहित वेमुला (अलगाव या अन्याय रोकथाम) शिक्षा का अधिकार और गरिमा विधेयक, 2026’ केवल अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति पर लागू होगा या इसमें अन्य पिछड़ा वर्ग भी शामिल होगा, तो पाटिल ने कहा, ‘‘जब यह विधेयक पारित होकर आपके पास आएगा, तब हम इस मामले पर चर्चा करेंगे।’’
पाटिल ने दोहराया कि गृह विभाग की राय प्राप्त होने के बाद रोहित वेमुला विधेयक और ‘ऑनर किलिंग’ से संबंधित ‘कर्नाटक विवाह में पसंद की स्वतंत्रता और झूठे सम्मान तथा परंपरा के नाम पर अपराधों की रोकथाम और निषेध विधेयक, 2023’, दोनों को कैबिनेट के समक्ष फिर से लाया जाएगा, जो यह दिखाता है कि सरकार उचित परामर्श प्रक्रिया पूरी करने के बाद आगे बढ़ने का इरादा रखती है।
भाषा गोला वैभव
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