जयपुर, एक अप्रैल (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षक की भूमिका अहम बताते हुए बुधवार को कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों में संस्कार के बीज बोते हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थी के जीवन में विद्या दान देकर उन्हें मजबूत बनातें हैं और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
शर्मा यहां आदर्श विद्या मंदिर विद्यालय में बहुउद्देशीय सभागार के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि आदर्श विद्या मंदिर संस्थान केवल एक विद्यालय नहीं, बल्कि समाज में निस्वार्थ सेवा, सहयोग और करुणा भी भावना का विस्तार कर रहा है और बच्चों में शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों एवं संस्कारों पर बल देता है।
आधिकारिक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी देश का सबसे बड़ा धन उसकी युवा पीढ़ी होती है और युवा शक्ति राष्ट्र की दशा व दिशा बदल सकती है।
उन्होंने कहा कि भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी है, जो देश की सबसे बड़ी ताकत है।
उन्होंने कहा, ‘‘शिक्षक बच्चों के व्यक्तित्व को गढते हैं। विद्यार्थी जब आगे बढ़ते हैं, तो उनके हर कदम में गुरु का आशीर्वाद होता है। वे युवाओं में शिक्षा के साथ ही संस्कार और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं।”
उन्होंने कहा कि जब एक शिक्षित युवा समाज में जाता है, तो वह केवल अपना ही नहीं, बल्कि पूरे देश का भविष्य उज्जवल बनाता है।
भाषा पृथ्वी जोहेब
जोहेब