नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) सरकार ने सोमवार को संसद को बताया कि 2018 में दिल्ली में आंबेडकर मेमोरियल के निर्माण पर केंद्र ने 122.87 करोड़ रुपये खर्च किए।
लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने यह जानकारी दी। उनसे सरकार या सरकारी उपक्रमों द्वारा बनवाई गई मूर्तियों और स्मारकों के बारे में जानकारी मांगी गई थी। साथ ही, पिछले 10 वर्षों में उनके निर्माण और रखरखाव पर हुए कुल खर्च का ब्योरा भी मांगा गया था।
उन्होंने कहा, ‘‘संस्कृति मंत्रालय ने मूर्तियां और स्मारक नहीं बनाए हैं। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) और आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के ज़रिए स्थापित की गई अन्य मूर्तियों और स्मारकों की जानकारी सूची में उपलब्ध की गई है।’’
मंत्रालय ने सीपीडब्ल्यूडी के जरिए स्थापित की गई कुछ मूर्तियों और स्मारकों के बारे में आंकड़े साझा किये। सीपीडब्ल्यूडी, आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के तहत आता है।
आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में आंबेडकर मेमोरियल बनाने पर 122.87 करोड़ रुपये (2018); गुजरात के नवसारी ज़िले के दांडी में नेशनल दांडी मेमोरियल कॉम्प्लेक्स बनाने पर 59 करोड़ रुपये (2019); तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का स्मारक बनाने पर 41.34 करोड़ रुपये (2017-18); नयी दिल्ली के जैसलमेर हाउस में बी.आर. आंबेडकर की मूर्ति के लिए मंच बनाने पर 7.89 लाख रुपये (2024); उच्चतम न्यायालय परिसर में आंबेडकर की मूर्ति पर 14.56 लाख रुपये; और दिल्ली के हौज खास में एनसीईआरटी परिसर में वेद व्यास की मूर्ति पर 1.95 लाख रुपये खर्च किए गए।
मंत्री ने एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि कोलकाता के भारतीय संग्रहालय ने पुरातत्व से जुड़ी चीज़ों के ‘एआई-आधारित पुनरूद्धार’ और अपने संग्रह के डिजिटल संरक्षण के लिए आईआईटी-खड़गपुर के साथ हाथ मिलाया है।
शेखावत ने यह भी कहा कि इस संग्रहालय ने ‘गूगल आर्ट एंड कल्चर’ के साथ मिलकर, डिजिटल तरीकों से विरासत को बढ़ावा देने के लिए एक वर्चुअल प्रदर्शनी तैयार की है।
भाषा सुभाष अविनाश
अविनाश