हवाई किराए से जुड़ी याचिका पर केंद्र ने कहा : नियम बनाने की प्रक्रिया तेज़ी से पूरी की जाएगी
हवाई किराए से जुड़ी याचिका पर केंद्र ने कहा : नियम बनाने की प्रक्रिया तेज़ी से पूरी की जाएगी
नयी दिल्ली, 17 अगस्त (भाषा) केंद्र सरकार ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि उसने ‘भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024’ के तहत नियम बनाने की प्रक्रिया तेज़ कर दी है, जिसका उद्देश्य भारत के विमानन क्षेत्र को आधुनिक बनाना है और इन नियमों को तीन हफ़्ते के अंदर अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
सरकार ने न्यायमूर्ति विक्रमनाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ के समक्ष सीलबंद लिफ़ाफ़े में नियमों का मसौदा पेश किया और कहा कि कुछ अंतिम चर्चाएं जारी हैं।
पीठ ने कहा, ‘‘इसे सात दिन के भीतर प्रकाशित करें।’’ इसने यह भी कहा, ‘‘अगर विमान कंपनियां नियमों का पालन नहीं करती हैं, तो उनकी उड़ानें रोक दी जाएं।’’
केंद्र की ओर से मामले में पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल कौशिक ने पीठ को बताया कि नियमों को तीन सप्ताह के अंदर अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने नियम बनाने की प्रक्रिया तेज़ कर दी है। हमें तीन हफ़्ते का समय दें, हम इसका अंतिम प्रारूप जारी कर देंगे।’’
शीर्ष अदालत सामाजिक कार्यकर्ता एस. लक्ष्मीनारायण की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने एक मज़बूत और स्वतंत्र नियामक बनाए जाने का आग्रह किया है जो नागरिक उड्डयन क्षेत्र में पारदर्शिता एवं यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। याचिकाकर्ता ने भारत में निजी विमान कंपनियों के हवाई किराए और अतिरिक्त शुल्क में ‘‘अनिश्चित उतार-चढ़ाव’’ को नियंत्रित करने के लिए नियामक दिशा-निर्देशों का भी आग्रह किया है।
लक्ष्मीनारायण की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता रवींद्र श्रीवास्तव ने पीठ को बताया कि जब तक नए नियम लागू नहीं हो जाते, तब तक पुराने नियम ही लागू रहेंगे।
अधिकारियों की ‘‘इच्छाशक्ति की कमी’’ और मौजूदा व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हुए, उन्होंने कहा कि विमान कंपनियां बहुत ज़्यादा किराया वसूल रही हैं।
संसद में नागरिक उड्डयन मंत्री के बयान का उल्लेख करते हुए श्रीवास्तव ने कहा कि यह कहा गया कि सरकार हवाई किराए की सीमा तय नहीं कर सकती।
कौशिक ने पीठ को भरोसा दिलाया कि नियम तय करने की प्रक्रिया तीन हफ़्ते के अंदर पूरी हो जाएगी।
पीठ ने सीलबंद लिफ़ाफ़े में अपने समक्ष रखे गए नियमों के मसौदे को देखा।
अदालत ने उल्लेख किया कि कौशिक ने नियमों के मसौदे को अंतिम रूप देने तथा तीन हफ़्ते के भीतर पीठ के सामने पेश करने के लिए कुछ और समय मांगा है।
इसने मामले की अगली सुनवाई के लिए सात सितंबर की तारीख तय कर दी।
भाषा नेत्रपाल अविनाश
अविनाश

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