त्रिपुरा में सत्ता पक्ष और विपक्ष ने दिवंगत डीजीपी अनुराग धनखड़ को दी श्रद्धांजलि

त्रिपुरा में सत्ता पक्ष और विपक्ष ने दिवंगत डीजीपी अनुराग धनखड़ को दी श्रद्धांजलि

त्रिपुरा में सत्ता पक्ष और विपक्ष ने दिवंगत डीजीपी अनुराग धनखड़ को दी श्रद्धांजलि
Modified Date: July 20, 2026 / 07:04 pm IST
Published Date: July 20, 2026 7:04 pm IST

अगरतला, 20 जुलाई (भाषा) त्रिपुरा में सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों ने दिवंगत पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़ को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी निष्ठा, ईमानदारी, पेशेवर प्रतिबद्धता और निष्पक्ष कार्यशैली की सराहना की है।

भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 1994 बैच के अधिकारी धनखड़ सोमवार को यहां पुलिस मुख्यालय स्थित अपने कार्यालय में मृत पाए गए थे।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की त्रिपुरा इकाई के अध्यक्ष अभिषेक देबरॉय ने कहा, ‘‘ हमारे पुलिस बल के प्रमुख के रूप में अनुराग धनखड़ ने सर्वोच्च स्तर की निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया। हमने कभी नहीं सोचा था कि उनका इस तरह निधन होगा। यह हम सभी के लिए बेहद दुखद है।’’

त्रिपुरा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जितेंद्र चौधरी ने उन्हें पुलिस बल के सर्वश्रेष्ठ अधिकारियों में से एक बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘श्री धनखड़ ने उप मंडलीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) से लेकर डीजीपी के पद तक का सफर तय किया, जो उनकी क्षमता, ईमानदारी और अपने दायित्वों के प्रति समर्पण का प्रमाण है। उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में अनेक चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया। मुझे नहीं लगता कि इतना ईमानदार और अनुभवी अधिकारी किसी गंभीर कारण के बिना ऐसा कदम उठा सकता है। हमने एक अच्छे पुलिस अधिकारी को खो दिया है।’’

चौधरी ने कहा कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) उनकी मौत के कारणों का पता लगाने के लिए निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग करती है।

कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक सुदीप रॉय बर्मन ने ‘रहस्यमय परिस्थितियों’ में डीजीपी की मौत पर शोक व्यक्त किया।

उन्होंने कहा, ‘‘ श्री अनुराग धनखड़ राज्य के सबसे उत्कृष्ट और दक्ष अधिकारियों में से एक थे। पूरे देश में यह पहली घटना है कि डीजीपी रैंक का कोई अधिकारी वर्दी में पुलिस मुख्यालय स्थित अपने कार्यालय में मृत पाया गया है। सरकार को उनकी मौत से जुड़े रहस्य से पर्दा उठाना चाहिए।’’

रॉय बर्मन ने उनकी मौत की परिस्थितियों की उच्च न्यायालय की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

वर्ष 2003-04 में कोसोवो में संयुक्त राष्ट्र मिशन में सेवाएं दे चुके धनखड़ अपने साथी अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच भी काफी सम्मानित थे।

पूर्व आईपीएस अधिकारी भानुपद चक्रवर्ती ने कहा, ‘‘डीजीपी के रूप में अनुराग धनखड़ पेशेवर कामकाज में बेहद सख्त थे, लेकिन उनका स्वभाव बहुत उदार था। उन्होंने कभी अधीनस्थ अधिकारियों के साथ अन्याय नहीं किया। वह कभी-कभी हमें डांटते जरूर थे, लेकिन बड़ी गलती के बिना कभी कोई कठोर निर्णय नहीं लेते थे।’’

भाषा रवि कांत रवि कांत नरेश

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