शबरिमला सोना चोरी मामला: तंत्री की गिरफ्तारी पर अदालत की टिप्पणियों से खड़ा हुआ नया राजनीतिक विवाद

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शबरिमला सोना चोरी मामला: तंत्री की गिरफ्तारी पर अदालत की टिप्पणियों से खड़ा हुआ नया राजनीतिक विवाद

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  • Publish Date - February 21, 2026 / 05:03 PM IST,
    Updated On - February 21, 2026 / 05:03 PM IST

तिरुवनंतपुरम, 21 फरवरी (भाषा) कोल्लम सतर्कता न्यायालय ने हाल ही में कहा था कि शबरिमला मंदिर से सोने की चोरी के मामले में तंत्री (मुख्य पुजारी) कंदारारू राजीवुरु के खिलाफ कोई सबूत नहीं है, जिसके बाद नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।

भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने शनिवार को अदालत के बयान का हवाला देते हुए सवाल किया कि तंत्री कंदारारू राजीवुरु को गिरफ्तार क्यों किया गया जबकि उनके खिलाफ ‘कोई सबूत नहीं’ था।

उन्होंने आरोप लगाया, “तंत्री को पूर्व देवस्वओम मंत्री कडकम्पल्ली सुरेंद्रन की संलिप्तता से ध्यान हटाने के लिए गिरफ्तार किया गया था। इसमें कोई संदेह नहीं है क्योंकि अदालत ने स्वयं कहा है कि तंत्री के खिलाफ कोई सबूत नहीं है।”

चंद्रशेखर ने दावा किया कि सुरेंद्रन या वर्तमान देवस्वम मंत्री वीएन वासवन के खिलाफ किसी प्रकार की जांच नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा, “हम जांच में खामियों और नेताओं की संलिप्तता को उजागर करेंगे।”

भाजपा नेता ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की।

विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने कहा कि विशेष जांच दल (एसआईटी) को तंत्री की गिरफ्तारी का कारण स्पष्ट करना चाहिए और यह बताना चाहिए कि शबरिमला सोने की चोरी के मामले में उन्होंने क्या अपराध किया था। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने 11 जनवरी को ही गिरफ्तारी के आधार पर स्पष्टीकरण मांगा था और तंत्री को बिना किसी सबूत के 40 दिनों तक जेल में रखने की घटना की जांच उच्च न्यायालय की निगरानी में होनी चाहिए।

सतीशन ने कहा, “जनता को बताया जाना चाहिए कि अपराध क्या था और किन परिस्थितियों में उन्हें जेल भेजा गया था।”

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तिरुवनचूर राधाकृष्णन ने कहा कि भगवान अयप्पा मंदिर के केवल आध्यात्मिक मामलों को संभालने वाले पुजारी को मामले में ध्यान भटकाने के लिए फंसाया गया।

राधाकृष्णन ने कहा, “सरकार को तंत्री को निशाना बनाकर मामले में जो विकृत छवि बनाई गई है, उसके पीछे की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। राज्य सरकार द्वारा नियंत्रित एसआईटी को जनता को जवाब देना चाहिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि तंत्री को मामले में घसीटना असली दोषियों को बचाने का प्रयास है।

भाषा जितेंद्र रंजन

रंजन