दुखद है कि भारतीय समाज में दहेज के कारण आज भी मौतें हो रही हैं: अदालत

दुखद है कि भारतीय समाज में दहेज के कारण आज भी मौतें हो रही हैं: अदालत

दुखद है कि भारतीय समाज में दहेज के कारण आज भी मौतें हो रही हैं: अदालत
Modified Date: August 17, 2026 / 07:18 pm IST
Published Date: August 17, 2026 7:18 pm IST

नयी दिल्ली, 17 अगस्त (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने एक गर्भवती महिला की दहेज मौत के सिलसिले में दोषी ठहराये गये उसके पति और उसकी सास के प्रति यह कहते हुए कोई नरमी बरतने से इनकार कर दिया कि इस अपराध के चलते एक इंसान की जान ही नहीं, बल्कि अजन्मे बच्चे की भी जान चली गयी।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रिया महेंद्र मृत महिला के पति और सास को सज़ा सुनाने के मामले में दलीलें सुन रही थीं। न्यायाधीश प्रिया महेंद्र ने दोनों को दहेज के कारण हुई महिला की मौत को लेकर 12 साल की कठोर कैद और उसके साथ क्रूरता करने को लेकर तीन साल की जेल की कैद की सजा सुनाई। ये सजाएं साथ-साथ चलेंगी।

अदालत ने 10 अगस्त को अपने आदेश में कहा, ‘‘यह बहुत दुखद है कि इस सदी में भी हमारे भारतीय समाज में दहेज के लिए प्रताड़ित किए जाने और उससे मौतें होने का सिलसिला जारी है। शादी के बाद अपने माता-पिता का घर छोड़कर जाने वाली महिलाओं को उनके पति और ससुराल वाले नहीं बख्शते, सिर्फ इसलिए क्योंकि उनके माता-पिता दहेज की उम्मीदों को पूरा नहीं कर पाते।’’

अदालत ने कहा कि दोषियों के प्रति नरमी बरतना ‘न्याय का उपहास’ होगा, क्योंकि लगातार परेशान किए जाने, क्रूरता किये जाने और दहेज मांगे जाने के कारण महिला ने आत्महत्या की और उस समय वह लगभग ढाई महीने की गर्भवती थी।

अदालत ने कहा, ‘‘इस मामले में अपराध की गंभीरता इसलिए और बढ़ जाती है क्योंकि मृत महिला के पति और सास के बर्ताव के कारण न सिर्फ एक, बल्कि दो जानें चली गईं। इसलिए, अगर इस मामले में नरमी बरती जाती है, तो यह न्याय का उपहास होगा।’’

आदेश के अनुसार, 29 साल की कोमल की 15 मार्च, 2021 को नीतेश से शादी हुई थी। शादी के एक महीने के भीतर ही वह गर्भवती हो गई थी। कोमल ने तीन जून, 2021 को ससुराल में फांसी लगा ली। तब वह लगभग ढाई महीने की गर्भवती थी।

अदालत ने कहा कि ससुराल में प्यार और स्नेह के साथ स्वागत की उसकी उम्मीदें दोषियों के दहेज लालच के कारण ‘टूट गईं।’

अदालत ने यह भी कहा कि उसके गर्भवती होने से भी ‘उनका दिल नहीं पिघला’ और गर्भावस्था के शुरुआती दौर में होने के बावजूद उसे उचित खाना नहीं दिया गया।

भाषा

राजकुमार नरेश

नरेश


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