अगरतला, आठ फरवरी (भाषा) त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) के शासन वाले जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद के मुख्यालय में कथित रूप से हो रहे “हर अनैतिक काम” को उजागर करने की रविवार को चेतावनी दी और दावा किया कि राज्य सरकार को वहां हो रही घटनाओं की जानकारी है।
साहा ने पश्चिम त्रिपुरा के खुमुलवांग में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि वित्तीय अनुशासनहीनता के कारण परिषद सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन नहीं दे पा रही है। उन्होंने कहा कि खुमुलवांग टिपरा मोथा पार्टी का मुख्यालय है। टिपरा मोथा पार्टी पूर्वोत्तर राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा की सहयोगी पार्टी है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव में देरी के लिए टीएमपी जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिषद ने कानून का पालन किए बिना 123 ग्राम समितियों का गठन किया और बाद में इस कदम को वापस ले लिया। उन्होंने आरोप लगाया, “नयी ग्राम समितियों के गठन के कारण चुनाव कराने की पूरी प्रक्रिया में देरी हुई।”
587 ग्राम समितियों के चुनाव फरवरी 2021 में होने निर्धारित थे।
साहा ने कहा, “हम खुमुलवांग में हो रहे हर अनैतिक काम को उजागर करेंगे और समय आने पर लोगों को हर झूठ के बारे में बताएंगे।”
आठ हजार से अधिक ब्रू परिवारों के पुनर्वास का श्रेय लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने 23 साल पुरानी समस्या का समाधान किया।
उन्होंने कहा, “हमने समझौता करके 23 साल पुराने रींग शरणार्थी समस्या का समाधान किया है और किसी को इसका श्रेय नहीं लेने देंगे।” उन्होंने यह बात परोक्ष तौर पर टीएमपी द्वारा इस मुद्दे का हल करने का श्रेय लेने की ओर इशारा करते हुए कही।
उन्होंने दो प्रतिबंधित समूहों – नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (एनएलएफटी) और ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स (एटीटीएफ) – के साथ समझौते का श्रेय लेने का दावा करने के लिए टीएमपी की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी सरकार किसी को यह दावा करने नहीं देगी कि उसने स्थायी शांति स्थापित की।
उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार ने शांति समझौते के तहत आत्मसमर्पण किए उग्रवादियों के पुनर्वास के लिए 250 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। हम किसी को भी शांति समझौते का राजनीतिक लाभ नहीं लेने देंगे।”
इससे पहले मुख्यमंत्री ने विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के 413 समर्थकों का भाजपा में स्वागत किया।
भाषा अमित नरेश
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