अगस्त में केंद्रीय प्रयोगशालाओं के गुणवत्ता परीक्षण में 29 दवाओं के नमूने विफल

अगस्त में केंद्रीय प्रयोगशालाओं के गुणवत्ता परीक्षण में 29 दवाओं के नमूने विफल

अगस्त में केंद्रीय प्रयोगशालाओं के गुणवत्ता परीक्षण में 29 दवाओं के नमूने विफल
Modified Date: September 23, 2026 / 01:01 pm IST
Published Date: September 23, 2026 1:01 pm IST

नयी दिल्ली, 23 सितंबर (भाषा) केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं ने विभिन्न कंपनियों द्वारा निर्मित 29 दवाओं के नमूनों को अगस्त महीने के अपने मासिक ‘ड्रग अलर्ट’ में ‘‘मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं (एनएसक्यू)’’ पाया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि इसके अतिरिक्त, राज्यों की औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं ने भी दवाओं के 191 नमूनों को ‘मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं’ पाया है।

नियमित नियामक निगरानी गतिविधि के तहत, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) के पोर्टल पर हर महीने घटिया और नकली दवाओं की सूची प्रदर्शित की जाती है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है, ‘‘अगस्त 2026 के लिए, केंद्रीय औषधि प्रयोगशालाओं ने 29 दवाओं के नमूनों को मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं (एनएसक्यू) पाया है और राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं ने 191 दवाओं के नमूनों को एनएसक्यू के रूप में चिह्नित किया है।’’

बयान के अनुसार, किसी दवा के नमूने को एनएसक्यू के रूप में तब चिह्नित किया जाता है जब वह निर्धारित गुणवत्ता मानकों में से किसी न किसी पैमाने पर विफल साबित होता है।

यह विफलता सरकारी प्रयोगशाला द्वारा जांचे गए उस विशिष्ट बैच के उत्पादों तक ही सीमित होती है, इसलिए बाजार में उपलब्ध उसी नाम की अन्य दवाओं को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

इसके अलावा, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी) दिल्ली से दवा का एक नमूना नकली पाया गया है। यह दवा किसी अन्य स्थापित कंपनी के ब्रांड नाम का उपयोग करके अनधिकृत (बिना लाइसेंस वाले) निर्माताओं द्वारा तैयार की गई थी।

मंत्रालय ने कहा कि मामले की जांच चल रही है और कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बयान में कहा गया कि बाजार से ऐसी दवाओं की पहचान कर उन्हें हटाने के लिए राज्य नियामकों के सहयोग से नियमित आधार पर घटिया और नकली दवाओं की पहचान करने की यह कार्रवाई की जाती है।

भाषा मनीषा संतोष

संतोष


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