आरएसएस ने पश्चिम बंगाल में शाखाएं दोगुनी करने का लक्ष्य निर्धारित किया
आरएसएस ने पश्चिम बंगाल में शाखाएं दोगुनी करने का लक्ष्य निर्धारित किया
कोलकाता, 23 सितंबर (भाषा) पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता में आने के समय 5000 शाखाओं का संचालन कर रहे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने सघन संपर्क कार्यक्रमों के जरिये 10 अक्टूबर (महालय) तक इसकी संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने यह जानकारी दी।
भाजपा के मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रदेश प्रचार प्रमुख बिप्लव राय ने कहा कि पिछले कई सालों में राज्य में संघ का विस्तार हुआ है।
राय ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘इस साल मई तक, पूरे राज्य में हमारी लगभग 5,000 शाखाएं थीं। अब यह संख्या काफी बढ़ गई है। और भी लोगों ने आरएसएस से जुड़ने की इच्छा जताई है।’’
उन्होंने कहा कि एक से 10 अक्टूबर तक, संगठन अपने ज़मीनी स्तर के नेटवर्क को बढ़ाने की कोशिश के तहत पूरे राज्य में कई विशेष संपर्क कार्यक्रम आयोजित करेगा।
राय ने कहा, ‘‘हमें विश्वास है कि 10 अक्टूबर तक पूरे राज्य में हमारी 10,000 शाखाएं होंगी।’’
आरएसएस के अनुसार, 2011 में पश्चिम बंगाल में उसकी 580 शाखाएं थीं। यह संख्या 2014 में बढ़कर 1,280 और दिसंबर 2016 में 1,492 हो गई।
इस नये विस्तार अभियान में ‘जेन-जी’ समेत युवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके तहत आरएसएस अलग-अलग ज़िलों में युवा सम्मेलन और संपर्क कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रहा है।
स्थानीय पदाधिकारियों को युवाओं को एकजुट करने और उन्हें आरएसएस की गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित करने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। संगठन का मकसद राष्ट्रवाद, देशभक्ति और समाज सेवा से जुड़े अपने विचारों को बढ़ावा देना है।
संगठनात्मक गतिविधियों का यह विस्तार पश्चिम बंगाल में सरकार बदलने के बाद हुआ है, जहां इस साल के आरंभ में विधानसभा चुनाव में भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस की 15 साल पुरानी सरकार को सत्ताच्युत किया था।
आरएसएस ने भी राज्य में अपने बुनियादी ढांचे का विस्तार किया है।
कोलकाता के पास न्यू टाउन के ‘एक्शन एरिया 2डी’ में ‘केशव स्मृति’ नामक संघ कार्यालय बनाया गया है। नवनिर्मित पांच मंजिला इमारत का उद्घाटन 26 सितंबर को आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले करेंगे।
भाषा राजकुमार सुरेश
सुरेश

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