नयी दिल्ली, 24 जून (भाषा) उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने बुधवार को दिल्ली पुलिस को शहर की सड़कों और जाम लगने वाले प्रमुख स्थानों पर यातायात पुलिसकर्मियों की मौजूदगी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने पुलिस को गलत दिशा में वाहन चलाने, दोपहिया वाहनों पर तीन लोगों के बैठने और बिना हेलमेट के वाहन चलाने पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।
संधू ने पुलिस आयुक्त सतीश गोलछा और शीर्ष अधिकारियों की उपस्थिति में एक बैठक के दौरान दिल्ली पुलिस के कामकाज की समीक्षा की, जिसमें उन्होंने शहर में सक्रिय और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग पर जोर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि शहरी परिवहन और जमीनी स्तर की सुरक्षा चुनौतियों पर बात करते हुए, उपराज्यपाल ने नियमों को कड़ाई से लागू कर यातायात नियमों के उल्लंघनों से निपटने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया।
संधू ने रेहड़ी-पटरी वालों, निवास कल्याण संघों (आरडब्ल्यूए) और बाजार कल्याण संघों (एमडब्ल्यूए) को सामुदायिक पुलिसिंग ढांचे में शामिल करके एक मजबूत स्थानीय खुफिया प्रणाली विकसित करने का भी निर्देश दिया।
अधिकारियों के मुताबिक, उन्होंने दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारियों से कहा कि वे महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल ने अपराध की रोकथाम के लिए आधुनिक तकनीकों का सक्रिय रूप से इस्तेमाल करने को कहा।
संधू ने इस बात पर जोर दिया कि अधिकारियों को सुलभ, सहानुभूतिपूर्ण और दृढ़ रहना चाहिए तथा जनता का भरोसा मजबूत करने के लिए निष्पक्षता एवं पारदर्शिता प्रदर्शित करनी चाहिए।
उपराज्यपाल ने अधिकारियों को संभावित अपराध स्थलों की सक्रिय रूप से पहचान करने, सड़क पर होने वाले अपराधों पर काबू पाने और छात्राओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
उन्होंने निचले स्तर के कर्मियों के लिए समय पर पदोन्नति सुनिश्चित करने, बल में महिलाओं का प्रतिनिधित्व उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने और शहीद कोष को बढ़ाने के लिए कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) निधि के विकल्पों को पर गौर करने के निर्देश दिए।
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