संजय राउत ने रास में की कि दादरा, नगर हवेली, दमन, दीव को विधानसभा देने की मांग

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संजय राउत ने रास में की कि दादरा, नगर हवेली, दमन, दीव को विधानसभा देने की मांग

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  • Publish Date - March 12, 2026 / 02:48 PM IST,
    Updated On - March 12, 2026 / 02:48 PM IST

नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) राज्यसभा में बृहस्पतिवार को शिवसेना (उबाठा) के सांसद संजय राउत ने मांग की कि दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव को विधानसभा दी जाए ताकि वहां लोगों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके।

उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए राउत ने कहा कि दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव के लोग अपने यहां विधानसभा की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा ‘‘उनकी यह मांग जायज है। यह अपने भविष्य के निर्माण की मांग है। एक संसदीय समिति ने 12 साल पहले इसकी सिफारिश की थी लेकिन इस पर अमल आज तक नहीं हो पाया।’’

राउत ने कहा कि कई छोटे केंद्र शासित प्रदेशों को विधानसभा मिल गई। उन्होंने मांग की कि दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव को भी विधानसभा दी जाए।

बीआरएस सदस्य के आर सुरेश रेड्डी ने पैराक्वाट डाइक्लोराइड कीटनाशक का मुद्दा उठाया जिसे आमतौर पर ‘पैराक्वाट’ कहा जाता है। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत घातक खर-पतवार नाशक है लेकिन इसका प्रयोग कपास सहित कुछ फसलों पर कटाई से पहले सुखाने वाले पदार्थ के रूप में भी किया जा रहा है।

भाजपा के सामिक भट्टाचार्य ने शत्रु संपत्ति का मुद्दा उठाते हुए कहा कि 1968 में शत्रु संपत्ति कानून बना और 2017 में इसमें संशोधन किया गया। उन्होंने कहा कि देश में करीब 12 हजार शत्रु संपत्ति हैं जिनमें से सबसे अधिक 4379 संपत्ति बंगाल में है।’’

उन्होंने कहा कि ‘‘राज्य में कई शत्रु संपत्ति पर अवैध कब्जा कर लिया गया है।’’ उन्होंने कहा कि राज्य में सीमाओं से घुसपैठ होती है और फिर अतिक्रमण हेाता है।

शत्रु संपत्ति भारत में उन चल-अचल संपत्तियों (भूमि, भवन, गहने, शेयर) को कहते हैं, जो 1962 (चीन), 1965 और 1971 (पाकिस्तान) के युद्धों के बाद पाकिस्तान या चीन जाकर बसने वाले लोगों द्वारा छोड़ी गई हैं।

भाजपा की धर्मशीला गुप्ता ने कहा कि भीषण गर्मी का मौसम करीब है और कई जगहों पर जल संकट होता है। उन्होंने कहा कि इस साल बिहार में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है जिससे कृषि क्षेत्र पर प्रतिकूल असर पड़ा है और भूजल स्तर भी नीचे चला गया है। ‘‘इससे गर्मी में किसान, गरीब ग्रामीण और पशुपालक बहुत ज्यादा प्रभावित होंगे।’’

उन्होंने मांग की कि दक्षिण बिहार के जल संकट ग्रस्त जिलों के लिए विशेष जल संरक्षण और प्रबंधन योजना बनाई जाए और विशेष केंद्रीय सहायता पैकेज भी दी जाए।

भाजपा के ही पाका वेंकट सत्यनारायण ने निजी कंपनियों के सीएसआर कोष के अधिक जवाबदेह और स्थानीय स्तर पर उपयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।

इसी पार्टी के महेंद्र भट ने कहा कि गर्मी में वनों में आग लगने के मामले अधिक होते हैं और वनाग्नि से न केवल लकड़ी का नुकसान होता है, मिट्टी की उर्वरता खत्म हो जाती है बल्कि स्थानीय समुदायों की आजीविका भी प्रभावित होती है।

उन्होंने सरकार से इस संबंध में उचित कदम उठाने की मांग की।

बीआरएस के बी पार्थसारधी रेड्डी ने कहा कि देश में कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए इसके लिए एक नीति बनाई जानी चाहिए।

सपा के रामगोपाल यादव ने अर्द्धसैनिक बलों में पदोन्नति की व्यवस्था का मुद्दा उठाया और मांग की कि सरकार उच्चतम न्यायालय का फैसला लागू करे।

झारखंड मुक्ति मोर्चा की महुआ माझी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के संदोष कुमार पी ने भी आसन की अनुमति से अपने-अपने मुद्दे उठाए।

भाषा

मनीषा अविनाश

अविनाश